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शिमला दशहरा उत्सव: जाखू-संकटमोचन में इस बार जलेंगे 40-45 फीट के पुतले

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 7, 2019, 6:09 PM IST
शिमला दशहरा उत्सव: जाखू-संकटमोचन में इस बार जलेंगे 40-45 फीट के पुतले
शिमला में दशहरा को लेकर तैयारी की जा रही हैं.

Dussehra Celebration in Shimla: इस बार के दशहरे के लिए जाखू में 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है. इससे पहले शिमला में इतना ऊंचा रावण का पुतला नहीं बना है, इसलिए इस बार दशहरे को लेकर इस बार ये खास इंतजाम किए गए हैं.

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शिमला. एक ओर, जहां देश के कई राज्यों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो रही है, वहीं पंजाब का एक मुस्लिम परिवार शिमला (Shimla) के संकटमोचन और जाखू मंदिर (Jakhu Temple) में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को आकार देकर भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है.

हर बार की तरह इस साल भी शिमला (Shimla) के प्रसिद्ध मंदिरों में दशहरा धूमधाम से मनाया जाएगा. जाखू, संकट मोचन और सुन्नी में दशहरे के दिन काफी भीड़ होती है और दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. यहां जलाए जाने वाले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को  पिछले करीब 15 साल से पंजाब के मोगा में रहने वाले कारिगर बनाते हैं.

हर साल करते हैं इंतजार
मुहम्मद शाहनवाज का परिवार पिछले करीब 50 साल से यही काम कर रहे हैं और उन्हें ये विरासत उनके पिता से मिली है. शाहनवाज ने कहा कि यहां पर दशहरे के लिए तैयारियां काफी पहले शुरू कर दी थीं. उन्हें भी साल भर यहां आकर पुलते बनाने का इंतजार रहता है. इससे पहले, उनके अबू बदरूदीन पुतले बनाते थे और अब उन्होंने इस जिम्मेदारी को संभाला है. वे संकटमोचन, जाखू, नाभा में होने वाले रावण दहन के लिए पुतले बना रहे हैं. उनका कहना है कि परिवार के सभी सदस्य पुतले बनाने के कारोबार से जुड़े हैं.

दो धर्मों को जोड़ते हैं
शाहनवाज के साथ आए अन्य कारीगरों का कहना है कि यह हुनर उन्हें अल्लाह ने बख्शा है. वह इस हुनर को दो धर्मों के लोगों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल करते आ रहे हैं. बेशक, हम मुस्लिम समुदाय से हैं, लेकिन रावण के पुतले बनाने के लिए जो नियम हैं, उन सभी का पालन करते हैं. हमारी कारीगरी केवल धर्म ही नहीं, दिलों को जोड़ने का काम भी करती है. हमारे पूर्वजों को भी यह ही सच्ची श्रद्धांजलि है. पुतले बनाने के लिए उन्हें निर्देश दिए जाते हैं कि वह पुतले में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल करें, जिससे पर्यावरण को ज्यादा नुकसान न पहुंचे और देखने वालों को भी पुतला जलता देख अच्छा लगे, इसलिए पुतलों को बांस, कपड़ों और सूखी घास से भर कर बनाया जाता है.

जाखू में 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला
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इस बार के दशहरे के लिए जाखू में 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है. इससे पहले शिमला में इतना ऊंचा रावण का पुतला नहीं बना है, इसलिए इस बार दशहरे को लेकर इस बार ये खास इंतजाम किए गए हैं. वहीं संकटमोचन मंदिर में भी इस बार 40 फीट लम्बा रावण का पुतला जलाया जाएगा. मंदिर प्रशासन का कहना है कि पुतले बनाने का काम शाहनवाज की टीम का काफी संतोषजनक है, इसलिए उन्हें ही हर बार पुतले बनाने के लिए बुलाया जाता है.

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First published: October 7, 2019, 5:42 PM IST
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