कैसे और क्या है E-Sim ठगी, जिसके जरिये शिमला के दंपति को लगी 5.95 लाख की चपत
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कैसे और क्या है E-Sim ठगी, जिसके जरिये शिमला के दंपति को लगी 5.95 लाख की चपत
हिमाचल में साइबर क्राइम.

E-Sim Fraud Case In Himachal_ कई टेलिकॉम सर्विस ऑपरेटर्स E-SIM सर्विस ऑफर (Offer) कर रही है. इस सर्विस से बिना सिम कार्ड यूजर्स कंपनी की सर्विसेज ले सकते हैं, यानी बिना सिम (Sim Card) कार्ड के कॉलिंग, डेटा और मेसेजिंग की जा सकती है.

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शिमला. इंटरनेट (Internet) पर बैठे शातिर नए-नए तरीके निकाल कर लोगों से ठगी कर रहे हैं. साइबर ठगी (Cyber Fraud) के जरिये लोगों को लाखों रुपये की चपत लग रही है. अब ई-सिम (E-Sim) का झांसा देकर ऑनलाइन (Online) ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. अब ठगों ने यह नया तरीका निकाल है. ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) में सामने आया है. यहां महिला और उसका पति 5 लाख 95 हजार रुपये लुटा बैठे. ठगों ने बिना सिम के मोबाइल (Mobile) फोन पर सुविधाएं दिलवाने का झांसा देकर महिला और उसके पति के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से ऑनलाइन बैंकिग के माध्यम से पैसे उड़ा लिए .पीड़ित की शिकायत पर सदर थाना में मामला दर्ज हो गया. साइबर क्राइम थाना इस मामले में तकनीकी सहायता दे रहा है. एएसपी साइबर क्राइम (Cyber Crime), नरवीर राठौर ने ठगी के इस नए तरीके को लेकर लोगों को सावधान किया है.

क्या है ठगी का नया तरीका

एएसपी ने बताया कि ऑनलाइन बैठे ठग खुद को मोबाइल कंपनी का कस्टमर केयर एक्जिक्यूटिव बताकर फोन करते हैं. सिमकार्ड को अपग्रेड करने और केवाइसी अपडेट न होने के कारण 24 घंटों में सेवा बंद होने की बात कर झांसे में लेते हैं. फिर शातिर एक लिंक भेजते हैं और लिंक में दिए फार्म में बैंक अकाउंट सहित एटीएम कार्ड की डिटेल और अन्य जानकारी भरने को कहते हैं. बिना किसी जांच-पड़ताल के लोग फॉर्म भर देते हैं. ऐसा ही इस महिला के साथ हुआ. इसके बाद ग्राहक को एक क्यूआर कोड मिलता है. इस कोड को लेने के बाद साइबर अपराधी टीम विवर या एनी डेस्क को डाउनलोड करने को कहता है, जिससे ग्राहक मोबाइल फोन शातिरों के नियंत्रण में आ जाता है. ग्राहक के फोन नंबर की ई-सिम साइबर अपराधी की डिवाइस में एक्टिवेट हो जाती है. ग्राहक को कोई जानकारी नहीं मिलती न ही कोई मैसेज या ओटीपी आता है. ट्रांजेक्शन का ओटीपी शातिर की ई-सिम में चला जाता है, जिसकी मदद से बैंक खाते या एटीएम से पैसे उड़ा लिए जाते हैं.



ई-सिम के बारे में जानिए
भारत में कई टेलिकॉम सर्विस ऑपरेटर्स द्वारा ग्राहकों को e-SIM सर्विस ऑफर की जा रही है. इस सर्विस की मदद से बिना फोन में सिम कार्ड लगाए यूजर्स कंपनी की सर्विसेज ले सकते हैं, यानी बिना सिम कार्ड के कॉलिंग, डेटा और मेसेजिंग पहले की तरह ही की जा सकती है. यह वर्चुअल मोबाइल सिम है, जिसे ई-सिम का नाम दिया गया है. यह आईफोन और वन प्लस मोबाइल के कुछ चुनिंदा मॉडल में ही इस्तेमाल होता है. एप्पल कंपनी ने अपने नए मॉडल आईफोन 10, आईफोन 11 और 11 प्रो में इसकी सुविधा दी है. साइबर क्राइम थाना शिमला का कहना है कि इसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे है. साइबर अपराधी के निशानों पर उपरोक्त मंहगे मोबाईल फोन के उपभोगता हैं. आम जनता को नई टेक्नालॉजी और इस सेवा की  जानकारी कम है,जिससे अपराधी को लाभ मिल रहा है.

कैसे बचें इस ठगी से

सबसे पहले यह बहुत जरूरी है कि स्कैम का तरीका समझा जाए. किसी भी फोन या व्हाट्स ऐप या ईमेल से आपके सिम के ब्लॉक होने का मैसेज आए तो उस पर भरोसा ना करें. जरूरी होने पर खुद कस्टमर केयर के ऑफिशल नंबर पर कॉल कर लें. बता दें कि KYC से जुड़ा कोई भी प्रोसेस फोन पर नहीं होता. तो सावधान रहें. साथ ही किसी भी स्थिति में अपने बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ शेयर ना करें. कोई भी टेलिकॉम कंपनी ऐसे डेटा की मांग यूजर से कॉल पर नहीं करती. किसी भी सूरत में अपने मोबाईल फोन पर अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी App जैसे Team Viewer, Quick Support & Any Desk App डाउनलोड ना करें. बैंक खातों की जानकारी न दें और Google Form में बैंक डिटेल न भरें. किसी भी साइबर अपराध का शिकार होने पर राज्य साइबर थाना या स्थानीय पुलिस को शिकायत दे.
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