Earthquake in Himachal: हिमाचल में फिर आया भूकंप, चंबा और स्पिति में हिली धरती

हिमाचल में भूकंप के झटके

Earthquake in Himachal: चंबा और लाहौल-स्पीति में कांपी धरती. भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में तीन दिनों में दूसरी बार धरती डोली है. सूबे के चंबा और लाहौल-स्पीति जिले में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. चंबा में 2.4 और लाहौल-स्पीति में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया. जानकारी के मुताबिक दोनों जिलों में आधी रात के बाद महसूस ये झटके किए गए. भूकंप के कारण किसी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

मौसम विभाग शिमला केंद्र की ओर से भूकंप आने की पुष्टि की गई है और बताया कि भारतीय समय के अनुसार, रविवार को आधी रात को भूकंप आया है. किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी हिमाचल में तीन बार धरती हिली है. पिछले महीने के पहले पखवाड़े में हिमाचल के चंबा में लगातार दो दिन भूकंप आया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई थी.

मार्च में तीन बार भूकंप

हिमाचल में मार्च महीने में लगातार तीन दिन भूंकप के झटके लगे थे. मार्च के दूसरे सप्ताह में चंबा और किन्नौर में हल्के झटके महसूस किए गए थे. हालांकि, किसी तरह का नुकसान इस दौरान नहीं हुआ था.

चंबा में आते हैं सबसे अधिक भूकंप

हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप चंबा जिले में आते हैं. इसके बाद किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और मंडी संवेदनशील जोन में हैं. शिमला जिले को लेकर भी चेतावनी दी गई थी कि यह शहर भूकंप जैसी आपदा के लिए तैयार नहीं है. इसके अलावा किन्नौर में 1975 में बड़ा भूकंप आ चुका है. वहीं, कांगड़ा में 1905 में भूकंप आया था, जिसमें 20 हजार लोगों की जान गई थी. वैज्ञानिकों का दावा है कि हिमालय के आसपास घनी आबादी वाले देशों में इससे भारी तबाही मच सकती है. राजधानी दिल्ली भी इसकी जद में होगी. शिमला और दिल्ली तो भूकंप के झटके सहने के लिए तैयार ही नहीं हैं.

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में तीन दिनों में दूसरी बार धरती डोली है. सूबे के चंबा और लाहौल-स्पीति जिले में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. चंबा में 2.4 और लाहौल-स्पीति में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया. जानकारी के मुताबिक दोनों जिलों में आधी रात के बाद महसूस ये झटके किए गए. भूकंप के कारण किसी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

मौसम विभाग शिमला केंद्र की ओर से भूकंप आने की पुष्टि की गई है और बताया कि भारतीय समय के अनुसार, रविवार को आधी रात को भूकंप आया है. किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी हिमाचल में तीन बार धरती हिली है. पिछले महीने के पहले पखवाड़े में हिमाचल के चंबा में लगातार दो दिन भूकंप आया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई थी.

मार्च में तीन बार भूकंप

हिमाचल में मार्च महीने में लगातार तीन दिन भूंकप के झटके लगे थे. मार्च के दूसरे सप्ताह में चंबा और किन्नौर में हल्के झटके महसूस किए गए थे. हालांकि, किसी तरह का नुकसान इस दौरान नहीं हुआ था.

चंबा में आते हैं सबसे अधिक भूकंप

हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप चंबा जिले में आते हैं. इसके बाद किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और मंडी संवेदनशील जोन में हैं. शिमला जिले को लेकर भी चेतावनी दी गई थी कि यह शहर भूकंप जैसी आपदा के लिए तैयार नहीं है. इसके अलावा किन्नौर में 1975 में बड़ा भूकंप आ चुका है. वहीं, कांगड़ा में 1905 में भूकंप आया था, जिसमें 20 हजार लोगों की जान गई थी. वैज्ञानिकों का दावा है कि हिमालय के आसपास घनी आबादी वाले देशों में इससे भारी तबाही मच सकती है. राजधानी दिल्ली भी इसकी जद में होगी. शिमला और दिल्ली तो भूकंप के झटके सहने के लिए तैयार ही नहीं हैं.