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    शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के लिए विभाग ने खरीदी 18 लाख की SUV, बवाल मचा तो...

     गाड़ी खरीदने के लिए पहले ही कैबिनेट ने मंजूरी दी थी.
    गाड़ी खरीदने के लिए पहले ही कैबिनेट ने मंजूरी दी थी.

    हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (Govind Singh Thakur) के लिए खरीदी गई 18 लाख की एसयूवी (SUV) को लेकर सियासत तेज हो गई है. हालांकि मंत्री ने मुझे गाड़ी का कोई मोह नहीं है, लेकिन यह आवश्यकता थी.

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    शिमला. कोरोना संकट के बीच कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (Govind Singh Thakur) के लिए खरीदी गई एसयूवी (SUV) चर्चाओं में आ गई है. दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षा मंत्री के लिए अपने फंड से 18 लाख रुपये की एसयूवी गाड़ी खरीदी है. इस टाटा हैरियर गाड़ी की खरीद पर इसलिए सवाल उठ गए हैं क्योंकि इस वक्त कोरोना संकट भी है और सीएम पहले ही कम खर्चे की बात कह रहे हैं. हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि गाड़ी खरीदने के लिए पहले ही कैबिनेट ने मंजूरी दी थी और उस वक्त शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज थे.

    शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने दिया ये जवाब
    उच्च शिक्षा विभाग ने कहा कि इस गाड़ी के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, लेकिन कोरोना के चलते यह खरीद नहीं हो पाई है. अब उच्च शिक्षा विभाग ने खरीद प्रक्रिया पूरी कर दी है. हालांकि इस एसयूवी की खरीद पर सवाल उठना लाजिमी था. जबकि इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी खुलकर बोले हैं. उन्होंने कहा कि गाड़ी लेने के लिए पहले से ही अप्रवूल लिया गया था और धन का भी प्रावधान किया या था. साथ ही कहा कि जो गाड़ी मेरे पास थी वो कंडम हालत में थी और ढ़ाई लाख किलोमीटर तक चल चुकी थी. उसका खर्चा ज्यादा आ रहा था. मंत्री के लिए एक गाड़ी से काम करना संभव नहीं हो पाता है और दूसरा वाहन जरूरी होता है.

    मेड इन इंडिया का रखा ध्‍यान
    यही नहीं, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मुझे गाड़ी का कोई मोह नहीं है, लेकिन यह आवश्यकता थी. फिर भी हमने प्रयास किया कि जो गाड़ी ली जाए वो प्रचलित गाड़ियों से सस्ती हो और मेड इन इंडिया होनी चाहिए, ताकि हम स्वदेशी को भी प्रमोट करें. सभी को गाड़ी खरीद को पॉजिटिव साइड से लेना चाहिए.
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