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शिमला में फिर होगा व्यापार मंडल का चुनाव, व्यापारियों ने सर्वसम्मति से चुनी कार्यकारिणी का किया बहिष्कार

शिमला में फिर होगा व्यापार मंडल का चुनाव, व्यापारियों ने सर्वसम्मति से चुनी कार्यकारिणी का किया बहिष्कार

व्यापार मंडल शिमला के चुनाव को लेकर व्यापार मंडल दो फाड़ हो गया था.

व्यापार मंडल शिमला के चुनाव को लेकर व्यापार मंडल दो फाड़ हो गया था.

Himachal News: साल 2012 से व्यापार मंडल शिमला का चुनाव नहीं हुआ है. जबकि नियमों के मुताबिक हर 3 साल बाद व्यापार मंडल शिमला का चुनाव करवाना आवश्यक है. लेकिन नगर निगम चुनावों और कोरोना महामारी के चलते व्यापार मंडल शिमला का चुनाव टलता गया जिसके चलते अब चुनाव करवाया जा रहा है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की सर्द हवाओं के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है. प्रदेश में एक ओर उप चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है तो दूसरी ओर शिमला व्यापार मंडल के चुनाव का बिगुल बज चुका है. उपचुनाव (By-Election) को लेकर जहां 30 अक्टूबर को मतदान होना है तो दूसरी ओर 31 अक्टूबर को व्यापार मंडल शिमला (Shimla) के लिए चुनाव सुनिश्चित किया गया है.

हालांकि कुछ दिनों पहले व्यापार मंडल शिमला का गठन चुनाव लड़ रहे 21 प्रत्याशियों ने सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया था. लेकिन व्यापारियों के दबाव के चलते अब लोकतांत्रिक और प्रत्यक्ष रूप से व्यापार मंडल शिमला का चुनाव करवाया जा रहा है. व्यापार मंडल शिमला की नवगठित चुनाव कमेटी ने कुछ व्यापारियों पर चुनाव को हाईजैक करने का आरोप लगाया और गुपचुप तरीके से गठित की गई कार्यकारिणी की निंदा की.

सर्वसम्मति से चुनी कार्यकारिणी की व्यापारियों ने की निंदा

बता दें कि व्यापार मंडल शिमला के चुनाव को लेकर व्यापार मंडल दो फाड़ हो गया था जिसके बाद एक गुट ने पहले चुनाव करवाने की हामी भरी थी तो दूसरे गुट ने आनन-फानन में अपने तरीके से चुनाव करवाने का निर्णय लिया गया था. लेकिन बाद में दोनों गुटों के बीच आपसी सहमति बनकर एक साथ चुनाव करवाने का निर्णय लिया गया था. चुनाव की घोषणा करने के बाद चुनावी मैदान में 21 प्रत्याशी उतरे थे लेकिन नामांकन वापसी के आखिरी दिन सभी प्रत्याशियों ने सर्वसम्मति से आपस में ही कार्यकारिणी का गठन किया. जिसका व्यापारियों ने बाद में खुलकर विरोध किया.

व्यापारियों का कहना था कि व्यापार मंडल शिमला का चुनाव प्रत्यक्ष व लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होना चाहिए ना की चारदीवारी के भीतर अपने लोगों को फायदा पहुंचा कर कार्यकारिणी का गठन किया जाना चाहिए था.अब व्यापार मंडल की नई चुनाव कमेटी का गठन रमेश चोजड़ की अध्यक्षता में किया गया है. जिसमें 14 व्यापारियों को सदस्य भी नियुक्त किया गया है. नवगठित चुनाव कमेटी ने व्यापार मंडल शिमला के चुनाव का शेड्यूल तय कर दिया है. जिसके तहत 31 अक्टूबर को शिमला के जैन हॉल में चुनाव आयोजित किया जाएगा जबकि उसी दिन मतदान होते ही परिणाम भी घोषित किया जाएगा.

अब 31 अक्टूबर को होगा व्यापार मंडल का चुनाव

चुनाव कमेटी के अध्यक्ष रमेश चोजड़ ने बताया कि व्यापार मंडल शिमला के चुनाव में कोई भी व्यापारी प्रत्याशी बन सकता है जो व्यापार मंडल शिमला का सदस्य होगा. चुनाव के लिए 7 से 9 अक्टूबर तक नामांकन पत्र लिए जा सकते हैं जबकि नामांकन प्रक्रिया 11 से 13 अक्टूबर तक रहेगी और नामांकन पत्रों की वैधता 14 अक्टूबर तक रहेगी. चुनाव प्रक्रिया से नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया 16 अक्टूबर तक होगी जबकि 31 अक्टूबर को मतदान होगा.उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र भरने के लिए प्रत्याशी को 2500 रुपए भरने होंगे जिसे रिटर्न नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल शिमला के चुनाव में करीब 2800 व्यापारी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे जो प्रत्यक्ष रूप से और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से व्यापार मंडल शिमला की नई कार्यकारिणी का गठन करेंगे.

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व व्यापार मंडल शिमला के चुनाव को लेकर तिथियां घोषित की गई थी. लेकिन जो प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे उन्होंने व्यापारियों के हितों का हनन कर गुपचुप तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया था. जिसकी दे निंदा करते हैं. उन्होंने बताया कि साल 2012 से व्यापार मंडल शिमला का चुनाव नहीं हुआ है. जबकि नियमों के मुताबिक  हर 3 साल बाद व्यापार मंडल शिमला का चुनाव करवाना आवश्यक है. लेकिन नगर निगम चुनावों और कोरोना  महामारी के चलते व्यापार मंडल शिमला का चुनाव टलता गया जिसके चलते अब चुनाव करवाया जा रहा है. ताकि व्यापार मंडल से जुड़े कारोबारियों और व्यापारियों की मांगों को समय-समय पर सरकार के समक्ष उठाया जाए.

Tags: Himachal news, Shimla News

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