Fake Degree Scam: शिमला में निजी यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री मिलने का मामला, थाने पहुंची शिकायत

शिमला में फर्जी डिग्री मामला.

शिमला में फर्जी डिग्री मामला.

Fake Degree Scam: आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल (रि.) अतुल कौशिक ने बताया कि वो डिग्री बीबीए की 2014 बैच की थी. विवि ने 2014 का जो रिकार्ड आयोग को दिया था, उसमें डिग्रीधारक छात्र का नाम नहीं था. ऐसे में आशंका है कि ये डिग्री फर्जी है. इसको लेकर संबंधित विवि के अधिकारियों को भी बुलाया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 11:46 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में नई फर्जी डिग्री मिलने के मामले में पुलिस के पास शिकायत पहुंची है. एसपी मोहित चावला बताया कि छोटा शिमला (Shimla) थाने में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की ओर से एक शिकायत मिली है.उन्होंने कहा कि इस शिकायत पर नियमों के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी. एक जानकारी ये भी है कि इस मामले की जांच सीआईडी (CID) को सौंपने का विकल्प भी पुलिस के पास खुला है. फर्जी डिग्री (Fake Degree) मामले में सीआईडी थाने भराड़ी की एक टीम पहले से जांच में जुटी हुई है, ऐसे में इस नए मामले को भी सीआईडी को सौंपने की तैयारी की जा रही है.

शिकायतकर्ता डिग्री लेकर आया था

बता दें कि आयोग के पास एक शिकायतकर्ता एक डिग्री लेकर आया था, उसका दावा था कि ये डिग्री फर्जी है और जांच के लिए शिकायत पत्र आयोग को सौंपा था. आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल (रि.) अतुल कौशिक ने बताया कि वो डिग्री बीबीए की 2014 बैच की थी. विवि ने 2014 का जो रिकार्ड आयोग को दिया था, उसमें डिग्रीधारक छात्र का नाम नहीं था. ऐसे में आशंका है कि ये डिग्री फर्जी है. इसको लेकर संबंधित विवि के अधिकारियों को भी बुलाया गया था.

ज्यादा हो सकती हैं फर्जी डिग्रियां
जानकारी के अनुसार, विवि भी अपना रिकार्ड खंगाल रही है. आयोग के चेयरमैन ने कहा कि डिग्री की जांच के लिए शिमला पुलिस को आयोग के सचिव की ओर से शिकायत दी गई है. साथ ही कहा कि आयोग की एक टीम भी तथ्यों को खंगालेगी ताकि इस बात का पता चल सके कि ये डिग्री फर्जी है या असली है. जानकारी के अनुसार फर्जी डिग्रियों की संख्या ज्यादा हो सकती है. अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कुछ सामने आता है. मामले में पहले से जांच में जुटी सीआईडी की टीम भी सवालों के घेरे में हैं. अब तक इस मामले में पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा रही है, जबकि सोलन जिले की विवि की गहन जांच चल रही है और गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिमला की सीआईडी की टीम जांच कर रही है या जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है.
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