IGMC ने रचा इतिहास, हिमाचल में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट

Kidney Transplant in Himachal: 20 ऑपरेशनों के बाद आईजीएमसी (IGMC) के डॉक्टर खुद यहां पर मरीजों के ऑपरेशन करेंगे.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 13, 2019, 10:00 AM IST
IGMC ने रचा इतिहास, हिमाचल में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट
हिमाचल का IGMC अस्पताल. यहां किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है.
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 13, 2019, 10:00 AM IST
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) ने इतिहास रच दिया. आईजीएमसी में पहली बार दो किडनी ट्रांसप्लांट हुए या यूं कहें कि हिमाचल में पहली बार किसी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन हुआ. दिल्ली के एम्स (AIIMS) से आई डॉक्टरों की टीम की देखरेख में आईजीएमसी के डॉक्टरों की टीम ने ये ट्रांसप्लांट किए. पहला ट्रांसप्लांट सुबह नौ बजे शुरू होकर साढ़े ग्यारह बजे पूरा हुआ. दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट 12 बजे शुरू होकर दो बजे पूरा हुआ.

दिल्ली से बुलाए गए थे डॉक्टर
आईजीएमसी में जब पहले किडनी ट्रांसप्लांट को करने का फैसला लिया तो एम्स के डॉक्टरों को भी बुलाया गया. ताकि जरूरत पड़ने पर पहले से किडनी ट्रांसप्लांट कर रहे एम्स के डॉक्टर आईजीएमसी के डॉक्टरों को गाइड कर सकें. इस तरह एम्स के डॉक्टरों की देखरेख में आईजीएमसी में पहली बार दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट की गई. आईजीएमसी ने किडनी ट्रांसप्लांट की तैयारियां शुरू कर दी थी. ट्रांसप्लांट के लिए फिलहाल नई ओटी नहीं थी तो सीटीवीएस की ओटी इस तरह तैयार की गई कि किडनी ट्रांसप्लांट भी यहां आसानी से हो सके. ट्रांसप्लांट के लिए डॉक्टरों को दिल्ली भेजा गया.

दो मरीजों का आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया.
दो मरीजों का आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया.


दो मरीजों के ऑपरेशन हुए
इन डॉक्टरों की ट्रेनिंग पूरा होने के बाद एम्स के डॉक्टरों ने आईजीएमसी आकर तैयारियों का जायजा लिया. फिर आईजीएमसी को ट्रांसप्लांट के लिए हरी झंडी मिली. आईजीएमसी में दो किडनी ट्रांसप्लांट हुए, इसमें एक में मां अपने बेटे के लिए जीवरदायिनी बनी तो दूसरे में पिता ने अपनी बेटी को किडनी डोनेट की. मंडी के 31 वर्षीय नरेश को उनकी 55 वर्षीय मां ने किडनी डोनेट करने का फैसला किया. उसके सभी टेस्ट मैच होने के बाद पहला ऑपरेशन आईजीएमसी में उन्हीं का हुआ. वहीं दूसरी ओर रोहड़ू की 38 वर्षीय महिला को उनके 64 वर्षीय पिता ने किडनी डोनेट की. दूसरा ऑपरेशन उनका किया गया. किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन को कर दिया गया है, मगर दोनों की पेशेंट्स के लिए अगले 48 घंटे अहम है.

ये बोले डॉक्टर
Loading...

AIMS में गुर्दारोग विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि शिमला में पहली बार दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है. उन्होंने बताया कि पेशेंट्स को आईसीयू में रखा गया है. अब अगले 48 घंटों में यदि रिसीवर की बॉडी किडनी को स्वीकार कर लेती है तो ऑपरेशन सक्सेस माने जाएंगे. यदि इसमें कुछ खामी रह जाती है तो कुछ चिंता का विषय होगा. हालांकि, डॉक्टरों का दावा है कि इसमें ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. ऑपरेशन हो गया है. पहले ही सबकुछ मैच कर दिया गया था. ऐसे में आसानी से बॉडी किडनी स्वीकार कर लेगी. उन्होंने बताया कि AIIMS में हर साल चार से पांच मरीज हिमाचल से अपना इलाज़ करवाने के लिए आते हैं.

अभी दोनों मरीज स्वस्थ हैं: डॉक्टर
नेफ्रोलोजी विभाग के प्रोफेसर बी के बंसल का कहना दोनों मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है. अभी दोनों मरीज स्वस्थ हैं और जल्द ही यह रिकवर करेंगे. आईजीएमसी में पहले 20 ऑपरेशन करने के लिए एम्स की टीम ही आईजीएमसी आएगी. इसके लिए एम्स के डॉक्टरों ने हामी भर दी है. उनकी की देखरेख में अभी यहां पर ऑपरेशन किए जाएंगे. 20 ऑपरेशनों के बाद आईजीएमसी के डॉक्टर खुद यहां पर मरीजों के ऑपरेशन करेंगे. उधर एम्स के डॉक्टरों से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि आईजीएमसी से हर माह 4 से 5 पेशेंट किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उनके पास आते थे, मगर अब उन्हें यहीं पर यह सुविधा मिलेगी.

ये भी पढ़ें: 5-6 बच्चों ने अपने ही साथी की जमकर की पिटाई, वीडियो वायरल

हिमाचल: कांगड़ा में ज्वाली के DSP रंगे हाथ घूस लेते गिरफ्तार

अपमान से आहत: स्वतंत्रत्ता सैनानी ने 4 दिन से छोड़ा खाना

हिमाचल: फौजी भाईयों के लिए कश्मीर भेजी 3000 राखियां

परिवार नियोजन के बाद हुआ बच्चा, पिता ने सरकार से मांगा खर्च

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 13, 2019, 9:39 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...