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81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश वाले 566 MoU पर समझौता: CM जयराम ठाकुर

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 27, 2019, 7:40 AM IST
81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश वाले 566 MoU पर समझौता: CM जयराम ठाकुर
प्रदेश सरकार का ध्येय है कि हिमाचल को स्वावलम्बी राज्य बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोज़गार के अपार अवसर उपलब्ध हों.

हिमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Pradesh Government) अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में 566 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर चुकी है, जिनमें 81319 करोड़ रुपये के निवेश क्षमता हैं और लगभग डेढ़ लाख लोगों को रोज़गार उपलब्ध होगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में 566 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर चुकी है, जिनमें 81,319 करोड़ रुपये के निवेश क्षमता (Investment Potential) है और लगभग डेढ़ लाख लोगों को रोज़गार उपलब्ध होगा. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने शनिवार को यह बात कही है. उन्होंने कहा कि 7 और 8 नवम्बर को धर्मशाला (Dharamshala) में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (Investors Meet) में निवेशकों को हिमाचल (Himachal) में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) इस आयोजन का शुभारम्भ करेंगे और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी इसमें शामिल होंगे.

सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मिले

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में 12,977.84 करोड़ रुपये निवेश के लिए 196 समझौता ज्ञापन, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन क्षेत्र में 14955 करोड़ रुपये निवेश की क्षमता वाले 192 समझौता ज्ञापन, जबकि आवासीय क्षेत्र में 12277 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 31 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं. प्रदेश सरकार का ध्येय है कि हिमाचल को स्वावलम्बी राज्य बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोज़गार के अपार अवसर उपलब्ध हों.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 1804.71 करोड़ रुपये निवेश के 10 समझौता ज्ञापन, परिवहन क्षेत्र में 2745 करोड़ रुपये निवेश के लिए आठ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुए हैं. इसी प्रकार शहरी विकास क्षेत्र में 22 समझौता ज्ञापन हुए हैं, जिनसे 5392.86 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा. आयुर्वेद क्षेत्र में 35 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिनके माध्यम से राज्य में 972.25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

किफायती दरों पर आयुष सेवाएं उपलब्ध होंगी

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आयुष नीति-2019 को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके अंतर्गत लोगों को आयुष अस्पतालों और औषधालयों के माध्यम से किफायती दरों पर आयुष सेवाएं उपलब्ध होंगी. उन्होंने कहा कि इस नीति के अंतर्गत आयुष एवं आरोग्य क्षेत्र में संभावित निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहनों को शामिल किया गया है. इस नीति के तहत आयुष थेरेपी यूनिट को स्थापित करने के लिए पूंजी सब्सिडी पर 25 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है, जो अधिकतम एक करोड़ रुपये तक हो सकता है. इसमें भूमि पर किया गया खर्च शामिल नहीं होगा और ऋण पर चार प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा जो प्रति वर्ष अधिकतम 15 लाख रुपये होगा.

जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों को आयुष अस्पतालों और औषधालयों के माध्यम से किफायती दरों पर आयुष सेवाएं उपलब्ध होंगी.

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चयनित परियोजनाओं में लीज रेंट और स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात वर्षों के लिए 75 प्रतिशत की दर से शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाएगी. ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण व महिला उद्यमियों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे. इसके अतिरिक्त हिमाचली लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए सहायता दी जाएगी और चयनित परियोजनाओं में लीज रेंट और स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी.

जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने नई आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति-2019 भी तैयार की है ताकि हिमाचल प्रदेश को इन क्षेत्रों में निवेश के लिए देश का प्रमुख क्षेत्र बनाया जा सके. इस नीति में अधोसंरचना प्रोत्साहन प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना की गई है जो आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके.

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First published: October 27, 2019, 6:34 AM IST
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