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बिजली कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि कम करने के लिए हिमाचल HC में याचिका

हिमाचल प्रदेश में बिजली मीटर की फीस. (सांकेतिक तस्वीर)
हिमाचल प्रदेश में बिजली मीटर की फीस. (सांकेतिक तस्वीर)

बोर्ड ने नए मीटर कनेक्शन पर दाम कई गुना बढ़ाने पर ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने भी माना था कि राशि काफी अधिक बढ़ाई गई है और उन्होंने स्पष्टीकरण भी दिया था. ऐसे में अब बिजली बोर्ड ने कोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर कर दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 12:07 PM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में नए बिजली मीटर कनेक्शन (Electricity Connections) की सिक्योरिटी राशि (Fees) कम हो सकती है. सरकार की ओर से इस संबंध बिजली बोर्ड ने कोर्ट में याचिका दायर की है. अब सरकार ने इस फैसले पर स्टे की मांग की है. 27 नवंबर को हाईकोर्ट (High Court) में मामले की सुनवाई होगी. हिमाचल प्रदेश में बीते माह नए बिजली कनेक्शन के सिक्योरिटी रेट चार गुना से ज्यादा बढ़ाए गए थे.

विरोध के बाद सरकार का फैसला
चौतरफा विरोध के बाद बैकफुट में आई प्रदेश सरकार ने अब पुरानी दरें ही फिर से लागू करने के लिए प्रयास शुरू किए हैं. दरअसल, सोलन जिले के बद्दी में एक उद्योग से रिकवरी नहीं होने पर बिजली बोर्ड ने जल्दबाजी में एडवांस कंज्यूमर डिपाजिट (सिक्योरिटी राशि) को बहुत अधिक बढ़ा दिया था. बिजली बोर्ड को बद्दी का एक उद्योग प्रबंधक चूना लगाकर चला गया था और इसकी रिकवरी के लिए मामला कोर्ट में पहुंचा था.कोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकार को इस बाबत नीति बनाने को कहा गया था.

क्या बोले थे मंत्री
बोर्ड ने नए मीटर कनेक्शन पर दाम कई गुना बढ़ाने पर ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने भी माना था कि राशि काफी अधिक बढ़ाई गई है और उन्होंने स्पष्टीकरण भी दिया था. ऐसे में अब बिजली बोर्ड ने कोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर कर दी है.



कितना बढ़ा था चार्ज
सरकार की ओर से बिजली बोर्ड ने घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट में भारी बढ़ोतरी की थी. पहले घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए 3 हजार से 35 सौ रुपये चुकाने पड़ते थे, जबकि अब यह फीस 14 हजार रुपये के करीब कर दी गई है. इसका पूरे प्रदेश में काफी विरोध हुआ था. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भड़ास निकाली थी.
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