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फिर सुर्खियों में कोटखाई गैंगरेप-मर्डर:फोरेंसिक एक्सपर्ट के बयान के बाद घेरे में CBI जांच

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 25, 2019, 3:31 PM IST
फिर सुर्खियों में कोटखाई गैंगरेप-मर्डर:फोरेंसिक एक्सपर्ट के बयान के बाद घेरे में CBI जांच
शिमला का कोटखाई गैंगरेप और मर्डर केस फिर चर्चा में आ गया है.

Kotkhai Gang rape and Murder Case: चंडीगढ़ में सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में दो फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रिपोर्ट और बयान में आशंका जताई है कि इस मामले में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला (Shimla) में जुलाई 2017 में हुआ कोटखाई गैंगरेप और मर्डर (गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड) मामला एक बार फिर सुर्खियो में है. चंडीगढ़ में सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में दो फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रिपोर्ट और बयान में आशंका जताई है कि इस मामले में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं. अब इस बयान के बाद सीबीआई जांच फिर से सवालों के घेरे में आ गई है. जो सवाल जनता पहले पूछ रही थी उनका जबाव सीबीआई (CBI) नहीं दे पाई है.

सीबीआई ने एक आरोपी पकड़ा है
सीबीआई ने नीलू नाम के चरानी को गिरफ्तार कर मामले की हर कड़ी सुलझाने का दावा किया था. सीबीआई कोर्ट में गुजरात के गांधीनगर की फोरेंसिक साइंस लैब के सहायक निदेशक एचवी आचार्य और साइकॉलोजिकल डिवीजन की सहायक निदेशक हेमांगी शाह ने यह आशंका जताई थी कि मामले में एक से ज्यादा लोग शामिल हैं. अब मदद सेवा ट्रस्ट ने सीबीआई के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है. ट्रस्ट से जुड़े विकास थापटा ने कहा कि जल्द ही सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा. साथ ही मदद सेवा ट्रस्ट ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री (Prime Minister) को चिठ्टी लिखी है.

सीबीआई जांच पर सवाल

चिठ्ठी में सीबीआई जांच पर सवाल उठाए हैं. ट्रस्ट का कहना है कि सीबीआई ने जांच के दौरान अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया है. इस जांच से लोग संतुष्ट नहीं है और इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है. जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने की मांग की है.

कोटखाई गैंगरेप और मर्डर की जांच सीबीआई ने की है.
कोटखाई गैंगरेप और मर्डर की जांच सीबीआई ने की है.


यह बोले गुड़िया के पिता
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गुड़िया के पिता ने News-18 के साथ फोन पर बातचीत में कहा कि वह शुरूआत से ही इस बात को कह रहे थे कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने का काम एक अकेले व्यक्ति का नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि इस बारे में सीबीआई के अधिकारियों को भी बताया था और अदालत में भी इस बात को रखा था. गुड़िया के पिता ने कहा कि मैंने नीलू को देखा है. उसको देखते ही समझ गया था कि अपराध को अंजाम देना इसके बस की बात नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी ताकतवर थी. उसे मारना अकेले नीलू के बस में नहीं था. हां, इतना जरूर है कि वो इसमे शामिल हो सकता है. गुड़िया को जान मारने वाले और नोचने वाले असली दरिंदे काफी ताकतवर हैं और खुले में घुम रहे हैं.उन्होंने कहा कि अब तक न्याय नहीं मिला है. असली गुनहगार पकड़े जाने चाहिए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए.

मामले की शुरुआती जांच करने वाले पूर्व आईजी जैदी सूरज हत्याकांड में आरोपी हैं.
मामले की शुरुआती जांच करने वाले पूर्व आईजी जैदी सूरज हत्याकांड में आरोपी हैं.



ये है मामला

गौरतलब है कि हिमाचल की राजधानी शिमला से 60 किलोमीटर दूर कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को एक स्कूली छात्रा लापता हो गई थी. दो दिन बाद जंगल से उसका शव नग्नावस्था में बरामद हुआ था. इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें एक आरोपी सूरज था, जिसकी कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को हत्या कर दी गई. सीबीआई जांच में सामने आया कि सूरज की मौत पुलिस टॉर्चर के कारण हुई थी. सरकार ने जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा था. सीबीआई ने इस मामले में एक आरोपी को पक़ड़ा है. मामला का ट्रायल शिमला में चल रहा है. वहीं, सूरज कस्टोडियल डेथ केस चंडीगढ़ में सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है.

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First published: November 25, 2019, 3:31 PM IST
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