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पूर्व CM वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस में दोषी हरमेहताब को उम्रकैद

News18 Himachal Pradesh
Updated: November 20, 2019, 3:41 PM IST
पूर्व CM वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस में दोषी हरमेहताब को उम्रकैद
अंकाक्ष और हरमेहताब (FILE Photo)

Infamous Akansh Murder Case: चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में 9 फरवरी 2017 को अकांक्ष पर बीएमडब्ल्यू (‌BMW Car) कार चढ़ाकर उसकी हत्या (Murder) कर दी गई थी.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस (Akansh Murder Case) में दोषी हरमेहताब चंडीगढ़ जिला सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोषी हरमेहताब को ताउम्र जेल में रहना होगा.दोषी पर तीन लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. हरमेहताब को सोमवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया था. मंगलवार को सजा पर बहस हुई और दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश की थी. बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे सजा का ऐलान किया गया.

तीन साल पुराना मामला
गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में 9 फरवरी 2017 को अकांक्ष पर बीएमडब्ल्यू (‌BMW Car) कार चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी गई थी. मामले में हरमेहताब सिंह आरोपी था. वारदात के 7 दिन बाद 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में अन्य आरोपी बलराज रंधावा अब तक फरार है. उसे भगोड़ा घोषित किया गया और उस पर एक लाख का इनाम है. मामले में 33 गवाह पेश हुए हैं.

कौन है दोषी हरमेहताब

हरमेहताब उर्फ फरीद पटियाला एंड ईस्ट पंजाब स्टेट्स यूनियन (पेप्सू) के पूर्व मुख्यमंत्री ज्ञान सिंह रारेवाला का पोता है, जबकि बलराज रंधावा सोहाना के नजदीक सेक्टर-77 के अकाल आश्रम कालोनी का रहने वाला है. दोषी हरमेहताब सिंह के उकसाने पर बलराज सिंह रंधावा ने बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर अकांक्ष की हत्या की थी. बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि वह हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.

दोस्ती के चक्कर में हुई थी हत्या
हरमेहताब सिंह रारेवाला और अकांक्ष के दोस्त गगनदीप सिंह शेरगिल उर्फ शेरा के बीच पुरानी दुश्मनी थी. दुश्मनी की शुरुआत मनाली में हुई थी. उसके बाद रारेवाला के लांडरा स्थित फार्म हाउस में भी दोनों के बीच हाथापाई हुई थी. नौ फरवरी साल 2017 को सेक्टर-नौ स्थित दीप सिद्धू के घर पर एक पार्टी रखी गई. दीप सिद्धू दोनों ही ग्रुप का कॉमन दोस्त था और उसने पार्टी में दोनों ग्रुप को बुलाया था. उस दिन गगनदीप शेरा और अकांक्ष सेक्टर-9 स्थित बूमबाक्स कैफे में बैठे. वे वहां से पार्टी के लिए निकले. उनके साथ अदम्या राठौर और राजन भी थे. पार्टी में दोनों आरोपी हरमेहताब और बलराज आए हुए थे. पुरानी रंजिश के चलते पार्टी में ही शेरा और बलराज के बीच झगड़ा शुरू हो गया. झगड़ा बढ़ता देख अकांक्ष ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की.
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बीएमडब्ल्यू कार से कुचला था
उसके बाद अकांक्ष अपने दोस्त अदम्या के साथ वहां से चला गया. देर रात अकांक्ष, अदम्या और कर्णयोग फिर दीप सिद्धू के घर यह देखने पहुंचे कि कहीं झगड़ा दोबारा से तो नहीं हो रहा. अकांक्ष को देखकर बलराज रंधावा भड़क गया और कहा कि ‘तू शेरा दा बाडीगार्ड लग्या है, पहलां तैनूं ही ठीक करदे आं’ यह कहते ही रंधावा ने हरमेहताब को अपने साथ बैठाया और बीएमडब्ल्यू कार से अकांक्ष को कुचल डाला. अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब पहली बार में अकांक्ष सेन की मौत नहीं हुई तो हरमेहताब ने बलराज को उकसाया और कहा कि वह अभी तक मरा नहीं है. उसके बाद बलराज ने कई बार अकांक्ष पर कार दौड़ाई.

यह बोले विक्रमादित्य

पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिहं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कोर्ट के फैसले को न्यायसंगत बताया. साथ ही कहा कि मामले भगोड़े बलराज को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के साथ मामला उठाया जाएगा. जैसा की बताया जा रहा है कि बलराज कनाडा में छुपा हुआ है. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिस परिवार ने बेटा खोया है, वह तो लौटाया नहीं जा सकता है, लेकिन कानून का खौफ बना रहना चाहिए.

इनकी गवाही ने केस को मजबूती दी
अदम्या राठौर : अकांक्ष का चचेरा भाई केस का मुख्य गवाह है. वारदात के वक्त मौके पर मौजूद था. अदालत को उसने झगड़े का कारण और झगड़े की जगह के बारे में बताया था.
गगनदीप शेरा : अकांक्ष का दोस्त ने कोर्ट को बताया कि वारदात के दिन अदम्या, अकांक्ष, बलराज रंधावा व हरमेहताब मौके पर मौजूद थे. उसका हरमेहताब व बलराज के साथ पुराना झगड़ा था. हरमेहताब ने उसकी एक फोटो वायरल कर दी थी, जिसमें शेरा को खंभे में बांधकर पीटा गया था.
कर्णयोग: अकांक्ष का दोस्त वारदात के दौरान अकांक्ष के साथ मौजूद था. उसने गवाही दी कि उसके सामने बलराज रंधावा और हरमेहताब ने अकांक्ष पर तीन से चार बार गाड़ी चढ़ाई. इससे अकांक्ष बुरी तरह से घायल हो गया. बाद में कर्णयोग व अन्य साथी अकांक्ष को लेकर पीजीआई पहुंचे थे.
राजन पपनेजा: अकांक्ष का दोस्त भी हत्या के दौरान मौके पर मौजूद था. राजन ने अदालत को हत्या का आंखों देखा हाल बताया. उसने यह भी बताया कि उसका हरमेहताब के साथ झगड़ा नहीं है और हरमेहताब को झूठे केस में फंसाने का उसके पास कोई मकसद नहीं है.
ये साक्ष्य भी केस के अहम सबूत बने
बीएमडब्ल्यू पर खून के निशान, अकांक्ष की बॉडी पर टायर का निशान मिलना, मौके-ए-वारदात पर खून के धब्बे, मौके पर मौजूद राजन के कपड़ों पर खून के निशान, पुलिस अधिकारियों की गवाही और चिकित्सा साक्ष्यों ने गवाहों की गवाही को सपोर्ट किया.

केस की टाइमलाइन...
नौ फरवरी 2017:सेक्टर-9 में अकांक्ष पर चढ़ाई गाड़ी. पीजीआई में मृत घोषित.
15 फरवरी 2017: हरमेहताब ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका डाली.
16 फरवरी 2017: हरमेहताब को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया.
20 फरवरी 2017:हत्या में इस्तेमाल बीएमडब्ल्यू कार मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद.
05 मार्च 2017: हत्या के अन्य आरोपी बलराज रंधावा को भगोड़ा घोषित.
06 मई 2017: चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर की।
18 अगस्त 2017: केस की पहली सुनवाई हुई.
28 अक्तूबर 2017: अदालत ने हरमेहताब पर आरोप तय किए.
15 अक्तूबर 2019: अदालत में मामले की अंतिम बहस खत्म.
18 नवंबर 2019: अदालत ने हरमेहताब को दोषी ठहराया.
20 नवंबर 2019: कोर्ट ने हरमेहताब को उम्रकैद की सजा सुनाई.

(चंडीगढ़ से उमेश की रिपोर्ट)

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First published: November 20, 2019, 3:33 PM IST
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