होम /न्यूज /हिमाचल प्रदेश /अलविदा! भारी नुकसान पहुंचाने के बाद देवभूमि से रुख़सत हुआ मॉनसून

अलविदा! भारी नुकसान पहुंचाने के बाद देवभूमि से रुख़सत हुआ मॉनसून

शिमला में बारिश के दौरान रिज से गुरजती युवतियां. (फाइल फोटो)

शिमला में बारिश के दौरान रिज से गुरजती युवतियां. (फाइल फोटो)

बीते 27 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ मॉनसून 350 से ज्यादा जानें लेकर और 1479 करोड़ रुपए का नुकसान कर सोमवार को देवभूमि ...अधिक पढ़ें

    देवभूमि हिमाचल को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद आखिरकार मॉनसून सूबे से विदा हो गया. बीते 27 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ मॉनसून 350 से ज्यादा जानें लेकर और 1479 करोड़ रुपए का नुकसान कर सोमवार को देवभूमि को अलविदा कह गया. मौसम विभाग शिमला केंद्र के अनुसार, इस बार मॉनसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है.

    सितंबर महीने में ही 86 फीसदी ज्यादा बादल बरसे. 22 से 24 सितंबर तक तीन दिन में मूसलाधार बारिश ने सीजन के दौरान 5 फीसदी कम बारिश को बढ़ाकर 12 फीसदी पहुंचा दिया. बीते मॉनसून सीजन में वर्ष 2017 में प्रदेश में 15 फीसदी कम बारिश हुई थी.

    मौसम विभाग शिमला के अनुसार, इस बार 927.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. हालांकि, लाहौल-स्पीति में सामान्य से 32 फीसदी, चंबा में 38 और किन्नौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है. उधर, बिलासपुर में सामान्य से 38 फीसदी, कांगड़ा में 34 फीसदी, कुल्लू में 49 फीसदी, मंडी में 24 फीसदी, शिमला में 27 फीसदी, ऊना में 59 फीसदी, हमीरपुर में 29 फीसदी और सोलन में 11 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है.

    15 नवंबर से शुरू होगा विंटर सीजन
    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, गांधी जयंती से हिमाचल में पोस्ट मॉनसून सीजन शुरू हो गया है. जो 15 नवंबर तक रहेगा. इस दौरान बीच-बीच में बारिश हो सकती है. 15 नवंबर से हिमाचल में विंटर सीजन का आगाज होगा.

    8 साल बाद सामान्य से अधिक बारिश
    हिमाचल में इस मॉनसून सीजन में 8 साल बाद सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है. इससे पहले, साल 2010 में सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा पानी बरसा था.
    साल 2017 में सामान्य से 15 फीसदी कम, 2016 में 24 फीसदी, 2015 में 23, 2014 में 37 फीसदी और साल 2013 में 6 फीसदी कम बारिश सूबे में हुई थी. इस बार प्रदेश में छह दौर में सबसे अधिक बारिश हुई है. 27 से 29 जून, 26 से 28 जुलाई, 5 से 7 अगस्त, 12 और 13 अगस्त, 22 से 25 अगस्त, 22 से 25 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हुई. इस दौरान जानमाल का भारी नुकसान देखने को मिला है. 13 अगस्त को 24 घंटे में प्रदेश में 72 मिलीमीटर बारिश हुई, जो एक दिन में सबसे अधिक रही.

    शिमला में रिकॉर्ड बारिश
    सूबे की राजधानी शिमला में 13 अगस्त को 117 साल बाद एक दिन में सबसे अधिक बारिश होने का रिकॉर्ड बना और 208 मिलीमीटर पानी बरसा. इससे पहले, अगस्त 1901 को पहाड़ों की रानी में 277 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी. साथ ही बता दें कि 24 अगस्त को धर्मशाला में 292.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. बीते साल 2017 में 30 सितंबर को हिमाचल से मॉनसून रुखसत हुआ था.

    पूरे सीजन में 1479 करोड़ का नुकसान
    हिमाचल प्रदेश को इस मॉनसून सीजन में भारी बारिश के चलते काफी नुकसान हुआ है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1479 करोड़ बारिश का पानी अपने साथ बहा ले गया है. सबसे ज्यादा नुकसान सूबे की सड़कों को हुआ है. इसके अलावा, 350 से ज्यादा लोगों की जान भी मॉनसून सीजन में गई हैं. हालांकि, इसमें सड़क हादसे भी शामिल हैं.

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें