जुब्बल क्षेत्र में सेब के पेड़ों को काटने पर सरकार लेगी रिपोर्ट

बागवानों की मलकीयत जमीन से सेब के पेड़ काटने के विरोध में राकेश सिंघा 14 मई को नायब तहसीलदार के दफ्तर पहुंचे थे. नायब तहसीलदार ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दी थी. इस संबंध में कुल 55 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.


Updated: May 16, 2018, 2:05 PM IST
जुब्बल क्षेत्र में सेब के पेड़ों को काटने पर सरकार लेगी रिपोर्ट
वन मंत्री गोविंद ठाकुर.

Updated: May 16, 2018, 2:05 PM IST
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र में अवैध रूप से वन भूमि पर उगाए सेब के पौधों को काटा गया है. हाईकोर्ट के आदेशों के बाद बनी एसआईटी ने यह पेड़ कटवाए, लेकिन इस मुद्दे ने अब सियासी रूप ले लिया है.

कुछ बागवान आरोप लगा रहे हैं कि उनकी मलकीयत से भी पेड़ काटे गए हैं. वहीं, अब वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने इस पूरे प्रकरण पर कहा कि अवैध कब्जा करना गलत है और जहां भी अवैध कब्जा हुआ है, उसे हाईकोर्ट के आदेशों के बाद गठित एसआईटी ने हटाने का काम शुरू किया.

अगर किसी गरीब या ऐसे व्यक्ति जिसकी मलकीयत से पेड़ काटे गए हैं तो इसकी जांच भी की जाएगी. हाईकोर्ट के समक्ष भी बात रखी जाएगी, लेकिन पहले यह बात सिद्ध होनी चाहिए कि मलकीयत से पेड़ काटे गए हैं.

CPIM विधायक को नसीहत दी

वन मंत्री ने मलकीयत से पेड़ काटने को गलत करार दिया. साथ ही इस मुददे पर हो रही सियासत और सीपीआईएम विधायक राकेश सिंह के खिलाफ हई एफआईआर से वन मंत्री ने कहा कि जनप्रतिधि के पास जब जनता आती है तो उसे सुना जाना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि कानून हाथ में न आए.
अगर परेशानी है तो अपनी बात हाईकोर्ट में भी रखी जा सकती है. हाईकोर्ट कभी भी बात सुनने से इंकार नहीं करता है.

ये है मामला
बता दें कि बागवानों की मलकीयत जमीन से सेब के पेड़ काटने के विरोध में राकेश सिंघा 14 मई को नायब तहसीलदार के दफ्तर पहुंचे थे. नायब तहसीलदार ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दी थी. इस संबंध में कुल 55 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.
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