गुड़िया ऐप के बाद महिला सुरक्षा हैंडबुक लांच, 10 हजार लोगों में बंटेगी

हिमाचल में गुड़िया कांड के बाद महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ था. प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी मुददा भी बना. लेकिन आज भी गुड़िया को न्याय नहीं मिला है. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि ऐसे प्रयास और गुड़िया कांड को जन्म लेने नहीं देंगे.

News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 2:21 PM IST
गुड़िया ऐप के बाद महिला सुरक्षा हैंडबुक लांच, 10 हजार लोगों में बंटेगी
सीएम आवास पर बुक लॉंच करते जयराम ठाकुर.
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Updated: March 14, 2018, 2:21 PM IST
बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या जैसा घिनौनी घटना झेल चुके हिमाचल में महिला सुरक्षा पर गंभीरता दिखाई जा रही है. गुड़िया ऐप और शक्ति बटन लांच करने के बाद अब महिला सुरक्षा के लिए हैंडबुक भी लांच हो गई है.

सीएम जयराम ठाकुर ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर में इस पुस्तिका को लांच किया, जिसमें शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सीएम की धमपत्नी डा साधना ठाकुर और एसीएस मनीषा नंदा भी मौजूद रहीं.

जिला शिमला प्रशासन के प्रयासों से महिला सुरक्षा के लिए एक हस्तपुस्तिका तैयार की गई है, जिसमें महिला सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई है. शिमला में 10 हजार कॉपियां वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसे सभी स्कूली छात्राओं और बालिकाओं के अलावा महिलाओं को भी वितरित किया जाना है.

जो घटनाएं पहले बड़े शहरों में होती थीं, आज हिमाचल में होने लगीं : सीएम

सीएम जयराम ठाकुर ने विमोचन के अवसर पर कहा कि जो घटनाएं पहले बड़े शहरों में होती थीं, आज हिमाचल में भी होने लगी. इसलिए महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाना जरूरी हो गया है.

सीएम ने यह भी कहा कि गुड़िया हेल्पलाइन लांच होने के बाद हिमाचल में अभी तक 200 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिलावाने की जरूरत है.

ब्रेल लिपी में भी प्रकाशित की गई है बुक
महिला सुरक्षा हैंडबुक न केवल हिंदी में प्रकाशित की गई है, बल्कि, यह अंग्रेजी और ब्रेल लिपि में भी प्रकाशित की गई है, दृष्टिहीन भी हैंडबुक को आसानी से पढ़ सकते हैं और इसमें दिए गए सुरक्षा उपायों का अपनी सुरक्षा के लिए उपयोग कर सकते हैं. हैंडबुक से छात्राएं और बालिकाएं काफी खुश नजर आईं.

करीब 11 पन्नों की है हैंडबुक
महिला सुरक्षा हैंडबुक करीब 11 पन्नों की है. जो हिंदी, अंग्रेजी और ब्रेललिपि में प्रकाशित है। इसमें महिलाओं, बालिकाओं को दुष्कर्म, छेड़छाड़ और दूसरी विपरीत परिस्थितियों में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई है. साथ ही ऐसी घटना होने पर क्या नहीं करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है. इसमें गुड़िया हेल्पलाइन, शक्तिबटन का उपयोग कैसे करें, महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों की श्रेणी में कौन-कौन सी घटनाएं आती हैं, इसकी भी जानकारी समाहित की गई है.

हिमाचल में गुड़िया कांड के बाद महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ था. प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी मुददा भी बना. लेकिन आज भी गुड़िया को न्याय नहीं मिला है. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि ऐसे प्रयास और गुड़िया कांड को जन्म लेने नहीं देंगे.
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