हरियाली क्रांति टीम की हिमाचल में अच्छी पहल, धौलाधार महोत्सव में बांटे पौधे, पहाड़ी पर किया वृक्षरोपण

हरियाली क्रांति टीम ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश.

हरियाली क्रांति टीम ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश.

20 मार्च को धौलाधार महोत्सव के शुरुआत के समय पीपल बाबा के नेतृत्व वाली Give me trees trust के प्रशिक्षित पर्यावरण कर्मियों ने धौलाधार महोत्सव में आए लोगों को पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 3:48 PM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में कला, साहित्य, खाद्य एवं साहसिक पर्यटन महोत्सव के साथ पर्यावरण संवर्धन (Environmental Preservaion) के लिए खास संदेश दिया गया है.  20 और 21 मार्च को आयोजित धौलाधार महोत्सव में देश की नामचीन हस्तियों नें हिस्सा लिया. इसमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय लेखकों, चिंतकों और प्रकाशकों, संगीत और सिनेमा, मीडिया जगत से जुड़े लोगों के साथ-साथ पर्यावरण कर्मियों नें शिरकत की और जीवन के विभिन्न आयामों पर गहन मंथन हुआ. इसमें सबसे अनोखी बात यह रही कि हरियाली क्रांति की टीम ने भी अपनी  उपस्थिति दर्ज कराई.

20 मार्च को धौलाधार महोत्सव के शुरुआत के समय पीपल बाबा के नेतृत्व वाली Give me trees trust के प्रशिक्षित पर्यावरण कर्मियों ने धौलाधार महोत्सव में आए लोगों को किचन गार्डनिंग का पैकेट, कम्पोस्ट खाद और इंडोर प्लांटिंग से जुड़े पौधे और बड़े पौधे जूट के बैग में रखकर गिफ्ट दिया गया. साथ ही साथ हरियाली बढ़ाने से जुड़े इन समानों को कैसे उपयोग में लाया जाय, इसके बारे में बाकायदा जानकारी दी गई.

पर्यावरण के लिए संदेश देने की कोशिश

उनका कहना था महिला व बुजुर्ग जो घरों से बाहर नहीं निकलते वे पेड़ न लगाने का बहाना बनाएं. इसकी बजाय अपने फ्लैट की बालकनी और छत पर भी छोटे पौधे उगाकर ऑक्सीजन बढ़ाने का उपाय कर सकते हैं. घर के अंदर भी डेकोरेशन बढ़ाने वाले पौधे लगाए जाने की भी पहल की जानी चाहिए. इससे भी घर की सुंदरता के साथ घर के अंदर ऑक्सीजन का प्रवाह सुनिश्चित किया जा सकता है. 21 मार्च को अंतराष्ट्रीय वन्य दिवस के अवसर पर धौलाधार महोत्सव में उपस्थित हुए गणमान्यों नें पहाड़ पर ट्रैकिंग का लुत्फ़ उठाया और साथ ही साथ पौधारोपण का कार्य किया. क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि धौलाधार के जंगलों में समय-समय पर आग लग जाने से भी विगत वर्षों में काफी नुकसान हुआ है. कुछ जंगल माफिया जंगल की जमीनों को अपने नाम कराने के लिए पहले इनमें आग लगा देते हैं फिर जंगल समाप्त होने पर जमीन अपने नाम करवाते हैं. ऐसे गिरोह का पर्दाफास करके जंगलों को बचाने की दिशा में कार्य किए जाने की जरूरत है.
क्या है हरियाली क्रांति अभियान

देश में पर्यावरण संवर्धन के लिए मशहूर पर्यावरणकर्मी पीपल बाबा के नेतृत्व में चलाई जा रही एक अनूठी मुहीम है. इस मुहीम के तहत इनकी संस्था Give Me Trees Trust से जुड़े लोग हर के मौकों पर पौधा-वितरण का कार्य करते हैं साथ ही लोगों से पर्यावरण संवर्धन अभियान से जुड़ने की अपील करते हैं. ये लोगों से अपील करते हैं कि अपने जन्मदिवस या किसी भी शुभ दिवस को हरियाली दिवस के रूप में मनाएं और इस दिन पौधारोपण करके पर्यावरण सम्वर्धन में अपना योगदान दें और धरती को बचाने में अपना योगदान दें.  इस अभियान का नारा “हर और हरियाली, हर घर खुशहाली” और लक्ष्य सम्पूर्ण हरियाली रखा गया है.

इस अभियान की डिजाईन देश के मशहूर कैम्पेन डिज़ाइनर बद्री नाथ ने की है. बद्रीनाथ के मुताबिक यह दुनिया का पहला नागरिक टू नागरिक अभियान है जिसमें हर एक नागरिक अपनी भागीदारी निभा सकता है क्योंकि हर नागरिक का साल में एक बार जन्मदिन आता है और वह कम से कम एक हरियाली दिवस मनाकर पर्यावरण सम्वर्धन में अपना योगदान दे सकता है.
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