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वायरल लैटर केस: परमार ने सरकार के पाले में डाली गेंद, ये बोले आरोपी पूर्व BJP मंत्री रवि

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 20, 2019, 1:12 PM IST
वायरल लैटर केस: परमार ने सरकार के पाले में डाली गेंद, ये बोले आरोपी पूर्व BJP मंत्री रवि
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार और आरोपी पूर्व भाजपा मंत्री रवि.

Kangra Viral Letter Bomb Issue: हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने पत्र वायरल करने वाले के खिलाफ एफआईआर भी की थी.

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शिमला/धर्मशाला/हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कांगड़ा (Kangra) जिला में बहुचर्चित पत्र बम (Viral Letter) मामले में भाजपा (BJP) की सियासत गरमाने लगी है. पत्र वायरल करने के पीछे भाजपा के ही पूर्व मंत्री रविंद्र रवि (Ravinder Ravi) का नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें भी बढ़ गई हैं. पत्र में स्वास्थ्य मंत्री विपिनि सिंह परमार (Vipen Singh Parmar) पर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद विपिन परमार ने पत्र वायरल करने वाले के खिलाफ एफआईआर भी की थी. पुलिस पत्र वायरल (Viral Letter) करने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की और पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि यह पत्र पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के कहने पर वायरल (Viral) हुआ है. दोनों ही नेताओं ने बिना नाम लिए एक-दूसरे पर हमले भी बोले हैं.

यह बोले स्वास्थ्य मंत्री
बहरहाल, अब इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने गेंद सरकार और संगठन के पाले में डाल दी है. कैबिनेट मंत्री विपिन सिंह परमार ने मांग की है कि रिपोर्ट पर सरकार और संगठन उचित कार्रवाई करे. सरकार और संगठन गहराई में जाए और निष्पक्षता से फैसला करे. हालांकि, परमार ने पार्टी में किसी भी तरह की अंतर्कलह से इंकार किया है.

धूमल खेमे से हैं रवि

फिलहाल, अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पत्र वायरल मामले में हुई राजनीतिक डवेलपमेंट का आने वाले दिनों में बीजेपी के भीतर क्या असर पड़ता है. क्योंकि रविंद्र रवि पूर्व सीएम धूमल के खेमे से गिने जाते हैं, जबकि विपिन परमार पूर्व सीएम और बीजेपी के वरिष्ठतम नेता शांता कुमार खेमे से हैं. साथ ही यह सीएम जयराम ठाकुर के भी भरोसे के व्यक्ति भी हैं.

यह बोले आरोपी रविंद्र रवि
मामले में आरोपी पूर्व मंत्री रवि ने कहा कि दुःख की बात है कि एक छोटी सी बात का बतंगड़ बना दिया गया है. भाजपा की सरकार को बनाने के लिए उन्होंने 2012 से लेकर 2017 तक मेहनत की. प्रेम कुमार धूमल के आदेशों की पालना करते हुए सरकार बनाई गई. रवि ने कहा कि मामले में पुलिस ने सहयोग माँगा था और सहयोग किया. ढाई महीने तक मेरा और मनोज का मोबाइल पुलिस के पास जब्त रहा. उन्होंने फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं.शिकायतकर्ता के मोबाइल की भी हो जांच-रवि
रवि ने कहा कि अब फोरेंसिक लेब से रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है की मेरे मोबाइल से लेटर मनोज के पास गया है. लेकिन अब हैरानी की बात तो यह है की इस मामले में जिस भी व्यक्ति ने एफ़आई आर दर्ज करवाई है उसके फोन की भी फोरेंसिक जांच हो. सरकार के दबाब में आकर रिपोर्ट जल्दी जारी की गई है. रवि ने कहा कि देहरा का दुर्भाग्य है कि वहां पार्टी और मंडल को कोई नहीं पूछ रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान और प्रदेश सरकार मामले की सही जांच करवाए.

यह बोले कांग्रेस नेता
हमीरपुर में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया ने पत्र बम को दुखद करार दिया है और राजनीति को शर्मशार करने वाला है. कुलदीप पठानिया ने कहा कि आरोपों की जांच सही ढंग से होनी चाहिए. पत्र बम मामले में सामने आई सच्चाई के बाद सभी को पता चल गया है कि अनुशासन की बात करने वाली पार्टी की पोल जग जाहिर हुई है.

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First published: November 20, 2019, 1:01 PM IST
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