हिमाचल : हर 4 मिनट में पड़ती है एम्बुलेंस की जरूरत, 10.5 लाख केसों में दी मदद

हिमाचल प्रदेश उत्तरी भारत का पहला राज्य है, जहां बाइक एंबुलेंस सेवा को आरम्भ किया गया है.


Updated: April 17, 2018, 4:23 PM IST
हिमाचल : हर 4 मिनट में पड़ती है एम्बुलेंस की जरूरत, 10.5 लाख केसों में दी मदद
108 Ambulance.

Updated: April 17, 2018, 4:23 PM IST
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने राज्य में राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा की प्रगति व गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में राज्य में आरम्भ की इस सेवा से स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन आया है.

उन्होंने कहा कि इस सेवा को आरम्भ करने का उद्देश्य मरीज को आपातकाल के दौरान तुरन्त प्राथमिक चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवा कर समीपवर्ती अस्पताल तक पहुंचाना है. सेवा के माध्यम से अब तक 10,38,891 आपातकालीन मामलों को पंजीकृत किया गया है, जिनमें 10,09,110 चिकित्सा संबंधी मामले, 23,929 पुलिस से जुड़े मामले तथा 5852 मामले आगजनी की घटनाओं से जुड़े हैं और सभी मामलों में सफलतापूर्वक निवारण कर जनता को राहत पहुंचाई गई है.

गर्भवती महिलाओं को हो रहा खासा लाभ
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न भागों में हर चौथे मिनट में 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ती है, हर एक घंटे आपात में फंसी एक जिन्दगी का बचाव इस एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से होता है. विशेषकर, गर्भवती महिलाओं के लिए यह सेवा वरदान साबित हुई है. अभी तक 2,06,027 गर्भ संबंधी मामलों में महिलाओं को राहत पहुंचाई है. यह सेवा शहरी क्षेत्रां में औसतन 12 मिनट, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 35 मिनट के भीतर पहुंचकर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाती है.

120 एंबुलेंस गाड़ियां संचालन में
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 102 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा आरम्भ की गई है. यह सेवा मां व शिशु को अस्पताल से घर तक निःशुल्क पहुंचाती है. वर्तमान में 126 एम्बुलेंस के माध्यम से मातृ-शिशु को सेवा प्रदान की जा रही है, अब तक कुल 158737 ड्रॉपबैक मामलों में सेवा प्रदान की गई है.

बाइक एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की : स्वास्थ्य मंत्री
परमार ने कहा कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाइक एम्बुलेंस सेवा आरम्भ की गई है. यह सेवा फस्ट रिस्पांडर बाइक के नाम से भी जानी जाती है और हिमाचल प्रदेश उत्तरी भारत का पहला राज्य है, जहां इस सेवा को आरम्भ किया गया है. इस सेवा की सुविधा आपात के दौरान 108 नम्बर पर कॉल कर प्राप्त की जा सकती है.

उन्होंने कहा कि जहां चौपहिया वाहन नहीं पहुंच पाते, ऐसे क्षेत्रों में एम्बुलेंस बाइक आपात के दौरान मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाती है. स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक एंबुलेंस में निर्धारित मापदण्डों के अनुरुप 31 दवाईंयां, दो स्ट्रेचर, अन्य आपात उपकरणों की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए. उन्होंने कहा कि वह स्वयं समय-समय पर इन वाहनों का निरीक्षण करते हैं.
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