कोटखाई रेप-मर्डर: 4 साल से इंसाफ का इंतजार, दोबारा जांच की मांग पर HC में हुई बहस

शिमला में गैंगरेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शिमला में गैंगरेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Kotkhai Gang Rape and Murder: सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 6:38 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण (Shimla Gudia Case) की दोबारा जांच की मांग पर लगाई गई याचिका पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में बहस हुई. परिजन सीबीआई (CBI) जांच से संतुष्ट नहीं है और गुड़िया की मां की ओर मामले की दोबारा जांच की मांग पर मदद सेवा ट्रस्ट की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई. मामले पर अब 3 मई को सुनवाई होगी. याचिकाकर्ता के वकील आशीष जमालटा ने कहा कि मुख्य न्यायधीश वाली डबल बेंच में कुछ मुद्दों पर बहस हुई. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई की जांच अधूरी है. ये रेप नहीं गैंगरेप (Gang rape) की जांच दोबारा होनी चाहिए.

चार साल से नहीं मिला इंसाफ

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने दलील दी है कि जांच पूरी है और आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया गया है और ट्रायल जिला अदालत में चल रहा है. साथ ही कहा कि कोर्ट ने सीआरपीसी के तहत कुछ और प्रावधानों को देखने के लिए कहा है. सुनवाई के दौरान गुड़िया के पिता भी मौजूद थे. पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 4 साल बीत गए लेकिन अब तक इंसाफ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि वे सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए दोबारा जांच होनी चाहिए. साथ ही कहा कि सीबीआई के अधिकारियों ने जांच की शुरूआत में कहा था कि एक से ज्यादा लोग शामिल हैं. लेकिन बाद में एक चरानी को पकड़ लिया और जांच बंद कर दी.

तथ्य कोर्ट में पेश किए
मदद सेवा ट्रस्ट के सदस्य विकास थाप्टा ने कहा कि पीड़िता की मां की मांग ये याचिका पहले सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई थी, सुप्रीम कोर्ट से ये मामला हाई कोर्ट आया है और बीते 2 सालों से ये मामला कानून की प्रकिया से गुजर रहा है. उनका कहना है कि हमारे पास काफी सारे तथ्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर हम दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं. कुछ तथ्य भी कोर्ट में पेश किए गए हैं.

जुलाई 2017 का मामला

बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.



एक संदिग्ध आरोपी की मौत

18 जुलाई को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.
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