हिमाचल में बारिश: 72 घंटे में 27 मौतें, 4 NH समेत 1088 रोड बंद

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 20, 2019, 9:50 AM IST
हिमाचल में बारिश: 72 घंटे में 27 मौतें, 4 NH समेत 1088 रोड बंद
हिमाचल के मंडी में ब्यास से गाड़ी निकालते लोग. (FILE PHOTO)

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि 1950 से जब से मौसम विभाग ने आंक़ड़े जुटाने शुरू किए हैं, तब से 24 घंटे में इतना ज्यादा पानी नहीं बरसा है. मनमोहन सिंह ने बताया कि एक हजार फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. जहां हिमाचल में एक दिन में औसतन 10 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, वहां, 102 एमएम बारिश हुई है.

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हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 72 घंटे में हुई भारी बरसात (Heavy Rainfall) की वजह से पिछले अब 27 लोगों की मौत हो गई है. शिमला के नेरवा में नेपाली मूल के 6 और नौ साल के दो बच्चों के शव मिल गए हैं.

दोनों पुजराना गांव में शकराना खड्ड में बह गए थे. इसके अलावा, प्रदेश में 4 हाईवे समेत 1088 सड़कें अब भी बंद हैं. हाईवे में औट-लूहरी एनएच, मटौर-शिमला, कुल्लू-मनाली-लेह और चंबा-भरमौर एनएच बंद है. प्रदेश को अब तक मॉनसून सीजन में 625 करोड़ का नुकसान हो चुका है. प्रदेश के हाईड्रो प्रोजेक्ट कुछ समय के लिए बंद होने के बाद अब सामान्य रूप से चल रहे हैं. मॉनसून सीजन में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है.

25 तक मौसम खराब
हिमाचल में 25 अगस्त तक मौसम (Weather) खराब रहने का अनुमान है. हालांकि, मौसम सामान्य होगा और अधिक बारिश नहीं होगी. शिमला में मंगलवार सुबह धूप खिली थी. बाढ़ में बहने और भूस्खलन के कारण सबसे अधिक 13 मौतें शिमला जिले में हुई हैं. इसके अलावा, सोलन में पांच, चंबा में तीन, कुल्लू में दो, सिरमौर में एक, लाहौल स्पीति में एक और बिलासपुर और हमीरपुर में एक जान गई है.

heavy rain in himachal
मनाली के पास ब्यास नदी में बहा हाईवे अब तक बहाल नहीं हो पाया है.


72 घंटे में इतना नुकसान और मौतें
हिमाचल में भारी बारिश मॉनसून सीजन में अब तक 625 करोड़ के नुकसान का आंकलन लगाया गया है. सरकार की ओर से फिलहाल, सड़कों को रिस्टोर करने के लिए 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. सीएम जयराम ठाकुर ने वीसी के जरिये की सभी डीसी के साथ बातचीत की गई है और संपर्क मार्गों को युद्ध स्तर पर खोलने के लिए आदेश दिए गए हैं.
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सीएम ने सभी डीसी से की मीटिंग
सीएम जयराम ठाकुर ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों से मीटिंग की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि बारिश से प्रभावित हुई सभी जगहों पर युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है.बैठक में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने राज्य की रिपोर्ट की जानकारी दी है. राहत कार्य के लिए लोकनिर्माण विभाग को 15 करोड़ करोड़ जारी किए गए हैं. उन्होंने बताया कि नुकसान का मेमो तैयार कर केंद्र को राज्य सरकार भेजेगी.

इतना पानी बरसा
48 घंटों में बिलासपुर के नैना देवी में 360 एमएम बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा बिलासपुर के ही झंडूता में 268.8 एमएम, ऊना के बरठीं में 239.8 एमएम, शिमला के रोहड़ू में 230 एमएम, नाहन में 225.4 एमएम, काहू में 181.4, हमीरपुर के बड़सर के मेहरा में 168.8 एमएम, शिमला में 153.1 एमएम, सिरमौर के पांवटा में 147, मंडी के गोहर में 145, हमीरपुर के सुजानपुर-टिहरा में 144 एमएम, हमीरपुर में 134.7 एमएम, मंडी के सरकाघाट में 118 एमएम, बिलासपुर में 252.5 एमएम, सिरमौर में 159.1 एमएम और सोलन में 114.2 एमएम तक बारिश दर्ज की गई है. दो दिन में में हिमाचल प्रदेश में औसत 102 एमएम बारिश दर्ज की गई है.

रिकॉर्डतोड़ पानी बरसा
हिमाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार को हुई बारिश से 70 साल में रिकॉर्डतोड़ पानी बरसा है. मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि 1950 से जब से मौसम विभाग ने आंक़ड़े जुटाने शुरू किए हैं, तब से 24 घंटे में इतना ज्यादा पानी नहीं बरसा है. मनमोहन सिंह ने बताया कि एक हजार फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. जहां हिमाचल में एक दिन में औसतन 10 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, वहां, 102 एमएम बारिश हुई है.

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First published: August 20, 2019, 9:34 AM IST
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