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हिमाचल में ‘सस्ती शराब’ के बाद अब कृषि मंत्री ने की भांग की खेती की पैरवी
Shimla News in Hindi

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 19, 2020, 11:24 AM IST
हिमाचल में ‘सस्ती शराब’ के बाद अब कृषि मंत्री ने की भांग की खेती की पैरवी
हिमाचल के कृषि मंत्री मारकंडा ने सूबे में भांग की खेती की पैरवी की है.

Cannabis farming in Himachal: वर्तमान में कुल्लू जिला में दुनिया की उत्तम क्वालिटी की भांग पैदा हो रही है. हालांकि यह खेती अवैध है. मलाणा क्षेत्र में होने वाली भांग मलाणा क्रीम के नाम से प्रसिद्ध है, लेकिन यह अवैध रूप से बिकती है, जिसमें नशे का तत्व होते हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में एक ओर जहां शराब (Liquor) सस्ती होने जा रही है. वहीं, दूसरी ओर जयराम सरकार के एक वजीर ने भांग (Cannabis) की खेती को वैध करने की पैरवी कर डाली है. कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा (Dr. Ramlal Markanda) ने यह पैरवी की है. जल्द ही सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) से भी इस बारे में बात करेंगे.

विदेश दौरे से लौटे हैं कृषिमंत्री
दरअसल, डॉ. मारकंडा हाल ही में यूरोपीय देशों का दौरा करके लौटे हैं. जहां उन्होंने भांग की खेती को देखा. न्यूज-18 के साथ बातचीत में डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि हिमाचल इसलिए बदनाम है, क्योंकि यहां पर नशे वाली भांग की अवैध खेती होती है, जबकि विदेशों में औषधीय गुणों वाली भांग की खेती की जाती है. भांग के दो तरह के बीज होते हैं. एक में नशे का तत्व होता है और दूसरे में केवल औषधीय गुण पाए जाते हैं. चिकित्सीय उपयोग के लिए ऐसे बीजों को हिमाचल विदेशों से आयात कर सकता है, ताकि हिमाचल में भांग की अवैध खेती रुके.

इन जिलों में होती है भांग की अवैध खेती



हिमाचल में भांग की अवैध खेती कुल्लू, मंडी, चंबा, सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में होती है. पुलिस हर साल ऊंचाई वाले इलाकों में उगाई गई भांग को उखाड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाती है. एनडीपीएस एक्ट के तहत भांग पकड़े जाने पर मामला भी बनता है. कई लोग भांग की तस्करी के मामलों में सलाखों के पीछे हैं.

दवा का भी काम करती है भांग
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भांग दवा के रूप में भी काम करती है. भांग में औषधीय गुण पाए जाते हैं. दुनिया के करीब ढाई फीसदी लोग भांग का इस्तेमाल करते हैं. यूरोप, फ्रांस, अमेरिका, कनाडा और चीन के अलावा देश के उत्तराखंड में भी भांग की खेती को कानूनी मान्यता है. ऐसे में अब हिमाचल में भी इस दिशा में प्रयास शुरू होने वाला है.

पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भांग की खेती को वैध किया गया है.
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भांग की खेती को वैध किया गया है.


कुल्लू जिला में उत्तम क्वालिटी की भांग
वर्तमान में कुल्लू जिला में दुनिया की उत्तम क्वालिटी की भांग पैदा हो रही है. हालांकि यह खेती अवैध है. मलाणा क्षेत्र में होने वाली भांग मलाणा क्रीम के नाम से प्रसिद्ध है, लेकिन यह अवैध रूप से बिकती है, जिसमें नशे का तत्व होते हैं. जो शरीर के लिए नुकसानदायक भी है. ऐसे में भांग को चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए उगाना किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है.

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First published: February 19, 2020, 11:13 AM IST
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