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हिमाचल विस मॉनसून सत्र: 46 घंटे 11 मिनट की चर्चा, 586 सवाल पूछे गए

हिमाचल विधासभा के सत्र का हंगामे के साथ शुरू हुआ  था (File photo).

हिमाचल विधासभा के सत्र का हंगामे के साथ शुरू हुआ था (File photo).

Himachal assembly monsoon session: सीएम ने सत्र के अंतिम दिन सभी का धन्यवाद किया और साथ ही विपक्ष पर निशाना भी साधा. साथ ही स्पीकर के खिलाफ विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर विधानसभा अध्यक्ष का बचाव किया

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शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 10 दिन तक चला और हंगामेदार रहा. विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और सत्र के अंतिम दिन विपक्ष की गैर मौजूदगी में सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इस सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें हुईं. नियम 61 के 3 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, इसके अलावा नियम 62 के तहत 13 और नियम 130 के तहत 5 प्रस्तावों पर चर्चा हुई. इस सत्र के दौरान सदन में 46 घंटे 11 मिनट तक चर्चा चली और 2 सरकारी विधेयक पुरस्थापित किए गए. भू-जोत अधिकतम सीमा संधोशन विधेयक सिलेक्ट कमेटी को भेजा गया.

सत्र के दौरान 4 गैर सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए गए. इस दौरान कुल 586 सवाल पूछे गए जिनमें 402 तारांकित और 184 अतारांकित प्रश्न थे. सत्ता पक्ष की ओर से 239, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर 310 और माकपा विधायक राकेश सिंघा की ओर से 16 प्रश्न पूछे गए, जबकि निर्दलीय विधायकों ने 12 प्रश्न पूछे.

सीएम ने जताया आभार

सीएम ने सत्र के अंतिम दिन सभी का धन्यवाद किया और साथ ही विपक्ष पर निशाना भी साधा. साथ ही स्पीकर के खिलाफ विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर विधानसभा अध्यक्ष का बचाव किया. सीएम ने सत्र की 10 बैठकों पर कहा कि बजट सत्र कोविड के चलते छोटा किया गया था जिसके चलते इस सत्र की अवधि को बढ़ाया गया था. विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि लंबे अरसे बाद विधानसभा के मॉनसून सत्र में 10 बैठकों की आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में सत्र का आयोजन करना कठिन चुनौती थी. सत्र के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सभी का आभार जताया.

अंतिम दिन क्या हुआ?

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन जबरदस्त गहमागहमी देखी गई. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे के खिलाफ जमकर बरसे. विपक्ष सदन के बाहर तो सत्ता पक्ष सदन के अंदर गरजा. सत्ता पक्ष की ओर से सीएम ने मोर्चा संभाला और विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी पलटवार में कोई कसर नहीं छोड़ी. सीएम ने नेता प्रतिपक्ष को यहां तक कह डाला कि वो अपने सदस्यों को बोलने तक नहीं देते, उनकी कुर्सी में स्प्रिंग लगा हुआ है और जिस तरह से बंजी जंपिंग में डॉल उछलती है उसी तरह नेता प्रतिपक्ष उछलते हैं. राजनीति के लिए और खबरों  के लिए विपक्ष ये सब करता है. इतना ही नहीं सीएम ने कहा कि विपक्ष खबर का भूखा है और इसी खबर की भूख के चलते उनका मानसिक दिवाला निकल गया है. मुकेश अग्निहोत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि जय राम ठाकुर एक्सिडेंटल सीएम हैं और नेता प्रतिपक्ष को बोले बिना उनकी दिनचर्या पूरी नहीं होती. साथ ही कहा कि सरकार का दिवालिया निकल गया है और हिमाचल प्रदेश को इस सरकार ने आर्थिक तौर पर दिवाला निकाल दिया. उन्होंने कहा कि ये पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जो जब कुर्सी छोड़ेंगे हिमाचल को 85 हजार करोड़ रू. कर्ज छोड़कर जाएंगे.

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