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Himachal By-Elections Result: 2022 की तस्वीर होगी साफ, 49 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा चुनाव परिणाम का असर

Himachal By-Elections Result: 2022 की तस्वीर होगी साफ, 49 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा चुनाव परिणाम का असर

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए जाएंगे.

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए जाएंगे.

Himachal by elections: जुब्बल-कोटखाई सीट पर 70 हजार के करीब मतदाता हैं. 30 अक्तूबर को हुए मतदान के नतीजे 2 नवंबर को घोषित होंगे. इस सीट पर पहली बार भाजपा (BJP) को 2007 में जीत मिली थी. इससे पहले, यहां कई दशकों तक कांग्रेस (Congress) का कब्जा रहा था. वीरभद्र सिंह को 1991 में इस सीट से राम लाल ठाकुर (Ram Lal Thakur) ने हराया था. वह यहां से कई मर्तबा जीते थे. अब उनके पोते रोहित ठाकुर भाजपा से चुनावी मैदान में हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव (Himachal Byelections) के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना (Vote Counting) शुरू हो जाएगी. शाम तक चुनाव परिणाम आने के साथ ही 2022 के विधानसभा के चुनाव की तस्वीर भी साफ हो जाएगी और साथ ही कई सियासी परिवारों का भविष्य भी तय होगा. एक लोकसभा और 3 विधानसभा सीटों के नतीजे का असर सूबे के 8 जिलों की 49 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा. मंडी लोकसभा सीट में 17 विधानसभा (Assembly) क्षेत्र आते हैं. अब गणित को कुछ इस तरह भी समझा जा सकता है कि जिस जिले की एक सीट पर चुनाव हो रहा है, वहां के चुनाव परिणाम (Results) का असर पूरे जिले पर पड़ेगा.

हिमाचल में कुल 68 विधानसभा सीट हैं. कुल 12 जिले हैं, इनमें सबसे बड़ा कांगड़ा जिला है, जहां विधानसभा की 15 सीटे हैं. इस जिले की फतेहपुर सीट पर उपचुनाव हो रहा है, जिसके परिणाम का असर पूरे जिले में होगा. इसी तरह सोलन जिले में 5 सीटे हैं और अर्की सीट पर चुनाव हो रहा है. शिमला जिले में 8 सीटे हैं और यहां जुब्बल-कोटखाई सीट पर उपचुनाव हो रहा है. मंडी संसदीय क्षेत्र में जिला मंडी के अलावा, कुल्लू, किन्नौर और चंबा जिले का भरमौर क्षेत्र आता है, चंबा जिले में 5 सीटें हैं. इस लिहाज से कांगड़ा जिले की 15, मंडी की 10, शिमला जिले की 8, कुल्लू जिले की 4, सोलन की 5, चंबा जिले की 5, किन्नौर और लाहौल-स्पीति की 1-1 सीट पर इन चुनावों का असर पड़ेगा.

मंत्री और विधायकों पर असर
इसके साथ साथ ही इन सीटों से मौजूदा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने आएगा. जिन मंत्रियों को चुनाव प्रभार सौंपा गया है उनकी भी परीक्षा का समय है. 2022 दूर नहीं है, टिकट की जंग कितनी कठिन होगी, ये इन चुनावों के परिणाम पर निर्भर होगा. इस उप चुनाव से केंद्र और राज्य सरकार पर कोई असर तो पड़ेगा नहीं लेकिन इतना जरूर है कि जनता के मूड का पता चल जाएगा.

सियासी परिवारों का भविष्य होगा तय
सियासी परिवारों की बात करें तो हिमाचल की सियासत का सबसे परिवार वीरभद्र सिंह परिवार है. 6 बार के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उनके परिवार का ये पहला चुनाव है. मंडी लोकसभा सीट से उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह चुनावी मैदान में है. ऐसे में अगर वो चुनाव जीत जाती हैं तो एक बार फिर से कांग्रेस का पावर सेंटर हौली लॉज में शिफ्ट हो जाएगा, अगर उनके पक्ष में परिणाम नहीं आएगा तो फिर आने वाले समय में इस परिवार को सियासत में कड़े इम्तिहानों से गुजरना होगा. प्रतिभा सिंह के साथ साथ उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह के लिए भी ये चुनाव एक जनमत संग्रह माना जा रहा है. भाजपा के प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर पहली बार चुनाव मैदान में हैं, हार-जीत से उनके कद में खास फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन इसका सीधा असर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कद पर पड़ेगा. सीएम मंडी जिले से संबंध रखते हैं और पूरा उप चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है. ये माना जा रहा है कि सीएम की साख के साथ-साथ उनका राजनीतिक भविष्य मंडी के उप चुनाव पर निर्भर करेगा.

क्या कोटखाई से चेतन करेंगे कमाल?
जुब्बल-कोटखाई में पूर्व मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के पोते रोहित ठाकुर मैदान में हैं. कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ क्षेत्र में भी उनका भविष्य इसी चुनाव पर निर्भर है, जबकि भाजपा के बागी चेतन बरागटा का सियासी सफर भी ये चुनाव तय करेगा. चेतन पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा है पुत्र हैं और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है जबकि भाजपा ने नीलम सरैइक को मैदान में उतारा है, यहां पर माना जा रहा है कि लड़ाई रोहित और चेतन के बीच है लेकिन पहली बार विधायक का चुनाव लड़ रही नीलम का भविष्य भी
इस चुनाव के परिणाम पर निर्भर करेगा.

फतेहपुर में कांग्रेस प्रत्याशी भवानी सिंह पठानिया की सियासी पारी की शुरूआत होगी या फिर क्लीन बोल्ड होंगे, इसका पता मंगलवार शाम तक चल जाएगा. भवानी अपने पिता सुजान सिंह पठानिया की विरासत को संभाल पाएंगे या नहीं ये फिलहाल ईवीएम में कैद है. यहां से पूर्व सांसद राजन सुशांत की सियासत की दशा और दिशा भी तय होगी और भाजपा प्रत्याशी बलदेव की भी. अर्की विधानसभा सीट पर जो प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा, उसके लिए 2022 की राह आसान होने वाली है, इस तरह के कयास राजनीतिक गलियारों में लगाए जा रहे हैं.

Tags: BJP, Himachal Congress, Himachal election, Himachal news, Himachal Politics, Mandi City, Mandi news, Shimla, Shimla Monsoon

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