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हिमाचल उपचुनाव में जनता के मुद्दे गायब, श्रद्धांजलि और करगिल के बाद अब ‘रावण’ की चर्चा

हिमाचल उपचुनाव में जनता के मुद्दे गायब, श्रद्धांजलि और करगिल के बाद अब ‘रावण’ की चर्चा

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव हो रह हैं. 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे.

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव हो रह हैं. 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे.

Himachal by-elections: हिमाचल प्रदेश के उपचुनाव में तीन शब्द काफी चर्चा में रहे हैं. इनमें श्रद्धाजंलि, करगिल युद्ध के बाद अब रावण चर्चा में है. आम जनता के मुद्दों से ज्यादा इन्हीं बातों पर ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं.

शिमला. हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा और मंडी लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव में सियासी पारा चरम पर है. हालांकि, चुनाव से आम जनता के मुद्दे हाशिए पर हैं. पेट्रोल के बढ़ते दाम सरसों के तेल और राशन डिपो में दालों की आसमान छूती कीमतें और अन्य मुद्दों पर सियासी दल चुप हैं..

भाजपा सरकार इन सवालों पर चुप है. कभी-कभी कांग्रेस ज़रूर इन मुद्दों को उठाती दिख जाती है. लेकिन आमतौर पर आम जनता से जुड़े चुनाव प्रचार मेंज्यादा नहीं सुनाई दे रहे. तीन मामले ऐसे हैं, जो फिलहाल, चुनाव प्रचार में हावी रहें है. प्रतिभा सिंह के लिए कांग्रेस का श्रद्धांजलि वाला पोस्टर चर्चा का केंद्र बना. बाद में प्रतिभा सिंह के करगिल को लेकर दिए बयान सुर्खियां बने और अब ‘रावण’ भी चुनाव प्रचार में है.

पहला मामला चुनाव की घोषणा होते ही सामने आया. जब प्रतिभा सिंह और दिवंगत वीरभद्र सिंह के के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने एक पोस्टर जारी किया. पोस्टर में लिखा था कि ‘वोट नहीं, श्रद्धांजलि चाहिए’. इस पर विक्रमादित्य सिंह को घेरते हुए सवाल उठाया गया कि वीरभद्र सिंह के नाम पर वोट मांगना कितना सही है. बाद में पोस्टर में फेरबदल कर श्रद्धआंजलि कर दिया गया. कांग्रेस के इस पोस्टर पर भाजपा ने सवाल पूछा कि किसी की मौत पर वोट मांगना कितना सही है?

करगिल पर भी घेरा प्रतिभा सिंह को

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