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जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव: टिकट कटने में मंत्री सुरेश भारद्वाज की भूमिका पर बोले चेतन बरागटा, मुझे लगता था कि वह मेरे साथ हैं

सुरेश भारद्वाज को भाजपा ने जुब्बल कोटखाई का चुनाव प्रभारी बनाया है.

सुरेश भारद्वाज को भाजपा ने जुब्बल कोटखाई का चुनाव प्रभारी बनाया है.

Himachal by polls: चेतन बरागटा हिमाचल भाजपा आईटी सेल के प्रभारी हैं. उनके पिता धूमल सरकार में मंत्री रहे थे. 2017 में भी नरेंद्र बरागटा ने चुनाव जीता था और केबिनट मंत्री के प्रबल दावेदार थे, लेकिन उन्हें मंत्री के बजाया चीफ व्हिप बनाया गया. उनके निधन के बाद बेटे चेतन बरागटा को ही टिकट का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अंत समय में उनका टिकट काटकर नीलम सरकैक को दे दिया गया.

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    विनोद कुमार कटवाल

    शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में जुब्बल-कोटखाई सीट पर भाजपा आईटी सेल के प्रभारी चेतन बरागटा ने बागी होकर हुंकार भर दी है. बरागटा ने अपना टिकट कटने पर मौजूदा सरकार में मंत्री सुरेश भारद्वाज का नाम लिए बिना सवाल किया है. उन्होंने कहा कि वह तो टिकट कटने के बाद से शॉक में हूं.

    मीडिया से बातचीत में चेतन बरागटा ने कहा कि मेरे पिता की सोलन में चुनाव में ड्यूटी लगी थी. उस दौरान उन्हें कोरोना हो गया और बाद में उनका निधन हो गया. वह पार्टी के लिए जिए और पार्टी के लिए अपनी जान दी. वहीं, टिकट कटने को लेकर मंत्री सुरेश भारद्वाज की भूमिका पर चेतन ने कहा कि यहां के चुनाव प्रभारी, हमारे सीनियर मंत्री इस क्षेत्र से हैं, उनकी क्या मंशा रही? मुझे तो लगता था कि वह मेरे साथ हैं, लेकिन कुछ ऐसी बातें आ रही हैं, मैं ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहूंगा, आप लोग उनसे पूछ सकते हैं. मुझे एक बजे के करीब बताया गया है आपकी टिकट कट गई है. मैं अब तक शॉक में हूं और ऊबर नहीं पाया हूं और जूझ रहा हैं.

    चेतन बरागकटा हिमाचल भाजपा आईटी सेल के प्रभारी हैं. उनके पिता धूमल सरकार में मंत्री रहे थे.

    भीड़ को लेकर क्या कहा

    चेतन बरागटा ने कोटखाई खड़ापत्थर पर उनके समर्थकों की भीड़ पर उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों को नहीं बुलाया है. वह खुद आए हैं और भाजपा के कार्यकर्ता के साथ इन जस्टिस हुआ है. चेतन बरागटा ने कहा कि वह एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट लेकर लोगों के बीच आएंगे और जल्द ही लोगों के साथ शेयर करूंगा और अपने पिता नरेंद्र बरागटा के सपनों को साकार करूंगा.

    भारद्वाज क्यों निशाने पर

    दरअसल, चेतन बरागटा के पिता नरेंद्र बरागटा और मौजूदा सरकार में मंत्री सुरेश भारद्वाज में 36 का आँकड़ा था. नरेंद्र बरागटा कई बार उनकी पार्टी हाईकमान से शिकायत भी कर चुके थे. यहां तक कि  अपने विधानसभा क्षेत्र में भारद्वाज के हस्तक्षेप को लेकर दिवंगत बरागटा ने सीएम को खत भी लिखा था.  शुक्रवार को जब कोटखाई में चेतन के समर्थन में लोगों की भीड़ जुटी तो वहां भी सुरेश भारद्वाज के खिलाफ नारेबाजी हुई. सुरेश भारद्वाज को भाजपा ने जुब्बल कोटखाई का चुनाव प्रभारी बनाया है.

    कौन हैं चेतन बरागटा

    बता दें कि चेतन बरागटा हिमाचल भाजपा आईटी सेल के प्रभारी हैं. उनके पिता धूमल सरकार में मंत्री रहे थे. 2017 में भी नरेंद्र बरागटा ने चुनाव जीता था और केबिनट मंत्री के प्रबल दावेदार थे, लेकिन उन्हें मंत्री के बजाया चीफ व्हिप बनाया गया. उनके निधन के बाद बेटे चेतन बरागटा को ही टिकट का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अंत समय में उनका टिकट काटकर नीलम सरकैक को दे दिया गया.

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