कृषि विभाग छीनने के बाद पहली बार बोले, मारंकडा-मैंने खुद विभाग बदलने को कहा था
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कृषि विभाग छीनने के बाद पहली बार बोले, मारंकडा-मैंने खुद विभाग बदलने को कहा था
हिमाचल के तकनीकी मंत्री डॉ. राम लाल मार्केंडा.

जयराम सरकार में ज्यादातार मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं. ऐसे में जो नए विभाग मिले हैं, उन्हें समझने में मंत्री जुट गए हैं. कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त विभाग दिए गए हैं और जो पहले उनके पास विभाग थे, वो पूर्ववत हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में हाल ही में जयराम मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल (Change) हुआ है. ज्यादातार मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं. कई मंत्रियों को पूरी तरह से नई जिम्मेदारी भी दी गई है तो कुछ मंत्रियों से अहम महकमे भी छीने गए. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) डॉ. रामलाल मारकंडा के पास कृषि जैसा अहम विभाग था, जिसे अब कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर को सौंपा गया है.

मारकंडा को तकनीकी शिक्षा विभाग (Technical) दिया गया. हालांकि, कैबिनेट फेरबदल पर डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री (CM) से खुद विभाग बदलकर नया विभाग देने की मांग की थी, ताकि वह कुछ नया काम कर सकें. तकनीकी शिक्षा विभाग मिलने के बाद डॉ. रामलाल मारकंडा (Ram Lal Markanda) ने पहली बार अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश दिया कि तकनीकी शिक्षा को व्यवहारिक बनाकर रोजगारपरक बनाया जाए. मारकंडा ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भी तकनीकी और वोकेशनल शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है.

हर आईटीआई को इंडस्ट्री के साथ जोड़ा जाएगा



हिमाचल में बड़ी संख्या में आईटीआई हैं, जहां पर कई प्रोफेशनल कोर्सेस करवाए जा रहे हैं. तकनीकी शिक्षा मंत्री ने फैसला किया है कि सभी आईटीआई को इंडस्ट्री के साथ अटैच किया जाएगा, ताकि उन्हें जब भी कुशल श्रमिक की जरूरत पड़ेगी तो वो उसी आईटीआई में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नौकरियां दे सकेंगे. बाहर से आने वाली कंपनियों या प्रदेश में ही बड़ी कंपनियों को भी इस बात के लिए बाध्य किया जाएगा कि वे हिमाचल में ही आईटीआई, पॉलिटेक्निक या इंजीनियरिंग कालेजों से निकले छात्रों को ही नौकरी देंगे.
हर जिले में स्किल डवेलपमेंट और गावों में लाइवलीहुड सेंटर

तकनीकी शिक्षा मंत्री के पास कौशल विकास निगम का भी जिम्मा है. ऐसे में यह भी फैसला लिया गया है कि हर जिले व विधानसभा क्षेत्र में स्किल डवेलपमेंट सेंटर खोले जाएंगे और गांवों में रूरल लाइवलीहुड सेंटर खोले जाएंगे, जहां कौशल विकास और स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया जाएगा. रूरल लाइवलीहुड सेंटर के जरिए गांव में ही स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण मिलेगा, जिसमें सेब, सिबकथोर्न सहित आचार, चटनी और दूसरे स्थानीय उत्पाद बनाने की कला बताई जाएगी.

नए विभागों को समझने में जुटे मंत्री

जयराम सरकार में ज्यादातार मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं. ऐसे में जो नए विभाग मिले हैं, उन्हें समझने में मंत्री जुट गए हैं. कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त विभाग दिए गए हैं और जो पहले उनके पास विभाग थे, वो पूर्ववत हैं. बहरहाल, देखना यह है कि जिस परफोर्मेस की उम्मीद के साथ नए विभाग दिए गए हैं. अब मंत्री उन पर कितना खरा उतरते हैं.
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