VIDEO: मंत्री रामलाल मारकंडा को कैबिनेट से निकालना चाहते थे CM जयराम ठाकुर

हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर और मंत्री रामलाल मारकंडा.

हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर और मंत्री रामलाल मारकंडा.

Himachal Cabinet Minister Ram Lal Markanda Viral Video: अब वीडियो सामने आने से एक बात तो साफ है कि काजा में विवाद के कारण ही मारकंडा से सीएम ने कृषि मंत्रालय ले लिया था. हालांकि, वह कैबिनेट में अब भी तकनीकी मंत्री हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 10:52 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बजट सत्र से पहले सोशल मीडिया (Social Media) पर कैबिनेट मंत्री रामलाल मारकंडा का एक वीडियो वायरल हुआ है. मंत्री इस वीडियो में काफी भावुक नजर आ रहे हैं और साथ ही उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर पर भी बड़ा आरोप लगाया है. मारकंडा ने कहा कि काजा में विवाद के बाद सीएम उन्हें मंत्रिमंडल से निकालना चाहते थे. इस पर उन्होंने कहा- अगर निकालना है तो निकाल दो. मेरे पुतले फूंके गए और पूरे हिमाचल में मुद्दा बनाया गया. वीडियो के बाद अब लग रहा है कि हिमाचल कैबिनेट में सब कुछ ठीक नहीं है.

जानकारी के अनुसार, वीडियो इसी महीने के बीते सप्ताह का बताया जा रहा है. 15 फरवरी को स्पीति में ही वीडियो बनाया गया था. वीडियो में मारकंडा साफ कहते हैं कि वह यहां भाषण देने नहीं आए हैं, लेकिन मेरे दोस्त सांगा ने मुझे छेड़ दिया तो उसका उत्तर देने आया हूं. मारकंडा कहते हैं कि जिंदगी में बहुत कुछ खोया है और अपने आंसू रोक नहीं पा रहा हूं. उन्‍होंने आगे कहा कि स्पीति महिला मंडल के चलते उनका कैबिनेट छूट गया. दरअसल, कैबिनेट विस्तार में मारकंडा से कृषि मंत्रालय छीन लिया गया था और उनके पास आईटी विभाग रह गया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के धरने और आप लोगों की वजह से यह सब हुआ, लेकिन मामले से स्पीति का घाटा हुआ है और अब स्पीति को नुकसान हो रहा है. फंड रुक गया है.

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क्या है पूरा मामला
दरअसल, लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से स्पीति के काजा-ग्रामफू-मनाली मार्ग को पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया था. इस दौरान स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया कि इस मार्ग के रखरखाव की जिम्‍मेदारी बीआरओ के पास ही रहे. यदि ऐसा नहीं होता है तो लोगों का रोजगार छिन जाएगा. जब मामला बढ़ा तो 9 जून 2020 को काजा में मारकंडा का भारी विरोध हुआ. स्थानीय लोगों सहित महिलाओं की भारी संख्या ने काजा में मंत्री का काफिला रोक दिया और उनका घेराव किया. इस दौरान मंत्री को उलटे पांव लौटना पड़ा था. मामला काफी चर्चा में रहा था. 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ. इसमें कई सरकारी कर्मचारी शामिल थे.

कैबिनेट विस्तार में छीन गया था विभाग

अब वीडियो सामने आने से एक बात तो साफ है कि काजा में विवाद के कारण ही मारंकडा से सीएम ने कृषि मंत्रालय ले लिया था. हालांकि, वह कैबिनेट में अब भी तकनीकी मंत्री हैं. अगस्त 2020 में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को राजस्व विभाग का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया था. वहीं, पंचायत और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर को कृषि और उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. शिक्षा मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज से लेकर सरवीण चौधरी, डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद ठाकुर, डॉ. राजीव सैजल तक के पुराने मुख्य विभाग लेकर दूसरे मंत्रियों को देकर नए महकमों का जिम्मा सौंपा गया है. नए बने मंत्री सुखराम चौधरी को मुख्यमंत्री ने अपने पास से ऊर्जा और राजेंद्र गर्ग को खाद्य आपूर्ति विभाग दिया है. वहीं, राकेश पठानिया को वन एवं युवा खेल विभाग का जिम्मा सौंपा गया था.
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