कांगड़ा सेंट्रल यूनिवर्सिटी मामला: CM का बयान-CU के नाम ट्रांसफर नहीं हुई जमीन, इसलिए पेच

13 साल से केवल सुर्खियां बटोर रहा है कांग्रेस केंद्रीय यूनिवर्सिटी का मामला.

Kangra Central University Issue: पूर्व की वीरभद्र सिंह ने मुख्य कैंपस धर्मशाला में बनाने के लिए 700 एकड़ जमीन भी मंजूर की थी. इस बीच नवंबर में 2020 में सीयू मामले पर कांगड़ा जिले के कोटला बेहड़ में एक सार्वजनिक मंच पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सीएम जयराम ठाकुर के बीच तल्खी खुलकर सबके सामने आई थी.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय (Kangra Central University) 13 साल से केवल सुर्खियां बटोर रहा है. सियासतदानों के बीच जुबानी जंग चल रही है, लेकिन जमीन पर ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा है. कांगड़ा जिले में स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी के स्थाई कैंपस का निर्माण कब शुरू होगा, ये भी पता नहीं चल पा रहा है.

इस बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने स्टेट्स रिपोर्ट पेश की है. सीएम ने कहा कि जो बड़ा पेच अभी फंसा हुआ है, उसके समाधान के लिए पूरा मामला केंद्र सरकार को भेजा गया है.

ये बोले सीएम
सीएम ने कहा कि कांगड़ा जिले के देहरा में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कैंपस के लिए 116.34 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें 34.5 हैक्टेयर जमीन ट्रांसफर हो चुकी है. इसकी म्यूटेशन 29 अक्तूबर 2010 को हो चुकी है. इसमें 81.71 हैक्यटर जमीन की फोरेस्ट क्लियरेंस पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से 11 दिसंबर 2018 को मिली है. जमीन को लेकर बड़ा मुद्दा अब यूजर एजेंसी के नाम पर ट्रांसफर करने को लेकर है. सीएम ने कहा कि सरकार ने जमीन उच्चतर शिक्षा विभाग के नाम पर की थी, लेकिन सेंट्रल यूनिवर्सिटी की शर्त है कि ये जमीन यूजर एजेंसी यानी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नाम पर ट्रांसफर होनी चाहिए, तभी इस पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.

और क्या मुश्किलें सीएम ने बताया
सीएम ने कहा कि इसमें बड़ा पेच ये है कि वन और पर्यावरण विभाग का कहना कि यूजर एजेंसी इस जमीन को अपने नाम पर नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि ये मामला अब केंद्र सरकार को भेजा गया है. धर्मशाला के जदरांगल में बनने वाले दूसरे कैंपस को लेकर सीएम ने जानकारी दी कि यहां 303.33 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है. इसमें 24.51 हैक्टेयर जमीन ट्रांसफर हो चुकी है. फोरेस्ट क्लियरेंस का मामला अक्तूबर 2020 को भेजा गया है. सीएम ने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिलेगी.

सियासी खींचतान का शिकार रही है सीयू
बता दें कि सीयू सियासी खिंचतान का शिकार रही है. यूपीए-2 के कार्यकाल के दौरान 2009 में 13 केंद्रीय विवि को मंजूरी मिली थी, जिनमें अब तक 12 बनकर तैयार हैं, लेकिन हिमाचल की सेंट्रल यूनिवर्सिटी फाइलों में ही ज्यादा नजर आ रही है. भाजपा नेताओं में अंदरखाते खासी रार है, जो गाहे-बगाहे सामने आती रहती है. पूर्व सीएम शांता कुमार चाहते थे कि मुख्य कैंपस धर्मशाला ही बने, लेकिन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर स्थाई कैंपस को संसदीय चुनाव क्षेत्र देहरा में देखना चाहते हैं. पूर्व की वीरभद्र सिंह ने मुख्य कैंपस धर्मशाला में बनाने के लिए 700 एकड़ जमीन भी मंजूर की थी. इस बीच नवंबर में 2020 में सीयू मामले पर कांगड़ा जिले के कोटला बेहड़ में एक सार्वजनिक मंच पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सीएम जयराम ठाकुर के बीच तल्खी खुलकर सबके सामने आई थी.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.