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CM जयराम Exclusive: नाटी, कर्ज और कैबिनेट विस्तार पर बेबाकी से दिए जवाब
Shimla News in Hindi

News18 Himachal Pradesh
Updated: March 4, 2020, 10:32 AM IST
CM जयराम Exclusive: नाटी, कर्ज और कैबिनेट विस्तार पर बेबाकी से दिए जवाब
हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर. (File Photo)

CM Jairam Interview: छह मार्च को सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) अपना तीसरा बजट पेश करेंगे.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में भाजपा (Bjp) की सरकार के गठन को दो साल से अधिक का समय हो गया है. सरकार का दावा है कि सूबा लगातार विकास की और अग्रसर है. हालांकि, दो साल के भाजपा (BJP) के कार्यकाल में कई विवाद भी हुए. कानून व्यवस्था से लेकर कई सियासी मुद्दों पर सरकार घिरती नजर आई. इस दौरान ‘कर्ज में डूबा हिमाचल’ भी बड़ा मुद्दा रहा. मौजूदा समय में हिमाचल विधानसभा (Himachal Assembly) का बजट सत्र (Budget Session) चल रहा है. 6 मार्च को सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) अपना तीसरा बजट पेश करेंगे. बजट से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ न्यूज-18 हिमाचल के असिस्टेंट न्यूज एडिटर चमन शर्मा से खास बातचीत की. ये हैं मुख्य अंश…

सवाल-एक युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री, डबल इंजन की सरकार, फिर विकास की रफ्तार कहां है ?
जवाब-कुछ कहना विपक्ष की मजबूरी है. 2 साल में उम्मीद से बढ़कर काम हुआ नई योजनाएं बनाई गईं, जिन्हें लोगों ने स्वीकार किया यही वजह है कि हमने लोकसभा चुनाव में सभी 68 विधानसभा हल्कों में जीत दर्ज की.

सवाल-फिर विपक्ष ये क्यों कहता है कि सरकार में विजन की कमी है ?



जवाब-जिन बातों को जनता नकार चुकी है, उनका अब कोई मतलब नहीं है.



सवाल- सरकार की दो साल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
जवाब-किसी एक उपलब्धि का जिक्र करना सही नहीं होगा. जनमंच में तुरंत समस्याओं का समाधान होता है. जनमंच को हमने सीएम हेल्पलाइन से जोड़ दिया, जिससे हजारों लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है.

सवाल- जनमंच से क्या बदला है आम आदमी की जिंदगी में?
जवाब-मंत्री सामने बैठता है. डीसी, एसपी जिले के तमाम अधिकारी बैठते हैं. शिकायतकर्ता मंच से अपनी शिकायत का जिक्र करता है। मंत्री और अधिकारी तुरंत मौके पर समस्या का समाधान करते हैं. ऐसा पूरे देश में कहीं नहीं है.

सवाल- लेकिन जनमंच में मंत्रियों की भाषा सही नहीं होती. अधिकारियों को जलील किया जाता है?
जवाब-हमने साफ कहा कि मंत्री अधिकारियों के साथ अच्छा सलूक करें। इज्जत से पेश आएं, लेकिन जब 4 बार बोलने के बावजूद काम नहीं किया जाता तो अधिकारियों की आरती नहीं उतारेंगे. काम तो करना पड़ेगा.

सवाल-अगर मंत्रियों को लोगों के काम करवाने तहसीलों और जिलों में जाना पड़ रहा है तो फिर अधिकारियों की फौज क्या कर रही है?
जवाब-कर्मचारी-अधिकारी ये मान कर चलें कि जनता के टैक्स के पैसे से उनकी सैलरी आती है.अधिकारी जनता की हर समस्या के प्रति जवाबदेह हैं. समाधान जल्दी होना चाहिये और मौके पर होना चाहिये.

सवाल-लंबे समय से मत्रियों के 2 पद खाली हैं. अब तो तीसरा भी हो गया. क्या इससे सरकार के परफॉरमेंस पर असर नहीं पड़ता?
जवाब-जल्दी मंत्रियों के पद भरे जायेंगे. ऐसा नहीं है कि अभी कोई खास इमरजेंसी है एक स्पीकर का पद खाली हुआ वो हमने भर दिया.

सवाल-मंत्री बनाने का मापदंड क्या है, क्षेत्रीय संतुलन या परफॉर्मेंस?
जवाब-सब कुछ देखा जाता है. कौन आदमी कहां से है. जिले में उसने कैसा काम किया है, किस जाति से है, ये तमाम चीजें देखी जाती हैं. लेकिन, हां, काम करने वाला होना चाहिये.

सवाल-क्या मंत्रिमंडल में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है ?
जवाब-मंत्रिमंडल से कुछ लोग हटाये भी जा सकते हैं. विभाग भी बदले जा सकते हैं. सभी संभावनाएं बरकरार हैं.

सवाल-हिमाचल के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
जवाब-वित्तीय हालात को सुधारना सबसे बड़ी चुनौती है. कांग्रेस ने प्रदेश को जर्जर कर दिया है. जब मुझे सरकार मिली तो प्रदेश पर 47 हजार करोड़ का कर्ज था. कांग्रेस हर चीज सिर्फ राजनीति के लिये करती है. ऋण लिये बिना प्रदेश का काम नहीं चलने वाला है. लेकिन हम ऋण को कम करने की कोशिश कर रहे हैं.

सवाल-आज बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है. युवाओं को 5 हजार की नौकरी के लिये भी बाहर जाना पड़ता है. इन्वेस्टर मीट से कितनी नौकरियां मिलेंगी ?
जवाब-जितनी भी सरकारें हिमाचल में रहीं. सबसे ज्यादा नौकरियों के प्रावधान हमने किये हैं. सरकारी क्षेत्र में सबको नौकरी नहीं दी जा सकती. इन्वेस्टर मीट के जरिये प्राइवेट क्षेत्र में रोजगार देने की कोशिश कर रहे हैं. साथ लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है. युवा बेरोजगार स्वावलंबन योजना का फायदा उठा रहे हैं.

सवाल-आपके मेनिफस्टो में था कि रोजगार कार्यालयों को कौशल विकास केंद्रों में बदला जायेगा. गांव में बीपीओ खोले जायेंगे. युवाओं को अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी जायेगी?
जवाब-हिमाचल में स्वावलंबन योजना को काफी प्रसारित किया है। बहुत बड़ी संख्या में नौजवान इस योजना का लाभ ले रहे हैं.

सवाल- हिमाचल में टायर्ड और रिटायर्ड कल्चर ही खत्म नहीं हो रहा है तो नौकरियां आयेंगी कहां से?
जवाब-ये कल्चर पिछली सरकार ने शुरू किया था. लगभग 3600 लोगों को एक्सटेंशन और रि-इंपलॉयमेंट दी गई. नियम कहता है कि 58 साल में रिटायर हो जाना चाहिये, लेकिन फिर भी एक इलाके के लोगों को और एक नेता के नजदीकी लोगों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया गया. हम टायर्ड और रिटायर्ड कल्चर खत्म कर रहे हैं. हमने 2 साल में मात्र 20 लोगों को एक्सटेंशन दी है. वो भी जहां बहुत जरूरी थी. हमने 300 लोगों को रि-इंपलॉयमेंट दी, उसमे अधिकतर पटवारी हैं. ये इसलिये कि लोगों के जरूरी काम न रुकें.

सवाल-नई आबकारी नीति पर बवाल मचा है. क्या हिमाचल में शराब से होगा मेहमानों का स्वागत ?
जवाब- पड़ोसी राज्यों में शराब के रेट कम हैं. इसलिये बाहरी राज्यों से शराब की तस्करी होती है. हम पड़ोसी राज्यों के बराबर शराब के रेट करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि शराब की तस्करी ना हो. हां हम पॉलिसी को रिव्यू करेंगे और बार रात 2 बजे के बजाय रात 12 बजे तक खुले रहेंगे.

सवाल-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये क्या कर रही है सरकार?
जवाब- हम पर्यटन के लिये नये प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं. ईको टूरिज्म के लिये जंजैहली और शिकारी माता का इलाका चिन्हित किया है. तत्तापानी, पंडोह डैम और कोलडैम में धार्मिक पर्यटन और वाटर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं.

सवाल-जो 69 नेशनल हाइवे हिमाचल को मिले हैं, उनका क्या स्टेट्स है ?
जवाब-55 हाइवे की DPR बनकर तैयार है. 20-25 पर जल्दी ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो जायेगा?

सवाल-क्या धारा 118 के साथ कोई खिलवाड़ हो रहा है?
जवाब-विपक्ष धारा 118 को लेकर भ्रम फैला रहा है. धारा 118 और हिमाचल के हितों के साथ कांग्रेस ने खिलवाड़ किया. हमने धारा-118 की परमिशन ऑनलाइन की है. विपक्ष अगर धारा 118 को लेकर भ्रम फैलायेगा तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे.

सवाल- क्या खनन माफिया इतना बेलगाम हो गया है कि नेता विपक्ष को टिप्पर पकड़ने पड़ रहे हैं?
जवाब-ऊना में 80 फीसदी पट्टे मुकेश अग्निहोत्री के मंत्री रहते दिये गये. हमने माइनिंग माफिया पर कार्रवाई की है और आगे भी सख्ती से पेश आयेंगे.

सवाल-सीमेंट हिमाचल में बनता है. फिर हिमाचल में ही महंगा क्यों है, पड़ोसी राज्यों के मुकाबले ?
जवाब-मैं मानता हूं हिमाचल में सीमेंट सस्ता होना चाहिये. हम सीमेंट के रेट कम करवाने की कोशिश में लगे हैं. कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी अगर नहीं मानेंगे तो सख्ती करेंगे.

सवाल- हिमाचल जैसे छोटे राज्य में दो राजधानी,दो विधानसभाओं का होना क्या सही है?
जवाब-उस वक्त की सरकार ने बिना सोचे समझे ये फैसले किये. अब ये लोगों की भावनाओं से जुड़ चुके हैं, इसलिये इस पर टिपप्णी करना सही नहीं होगा. लेकिन अगर यही पैसा कांगड़ा एअरपोर्ट पर खर्च होता तो लोगों की जिंदगी बदल जाती.

सवाल-आप तीसरा बजट पेश करने वाले हैं. क्या उम्मीद करे जनता?
जवाब-बजट गरीबों के हितों को पूरा करने वाला होगा. पिछले बजट की योजनाओं ने लोगों का जीवन बदल दिया. हिमकेयर योजना ने लोगों की जिंदगी बदल दी. हमने 65 करोड़ रुपये लोगों के इलाज पर खर्च कर दिये.

सवाल-आपकी सादगी का क्या राज है. क्या अब परिवार और रिश्तेदारों के लिये वक्त निकाल पाते हैं ?
जवाब-सादगी मेरा स्वभाव है. मैं कठिन हालात से निकल कर आगे बढ़ा हूं. रही बात रिश्तेदारों के लिये समय की तो मैं यहां रिश्तेदारों की वजह से नहीं हूं, जिन लोगों की वजह से यहां हूं उनके लिये काम करना है.

सवाल-कर्मचारियों का एक मसला है 4-9-14 का जो काफी वक्त से हल नहीं हो पाया?
जवाब -अभी सबको 4-9-14 के तहत नहीं ला पायेंगे, लेकिन हम लगातार कर्मचारियों के हितों की रक्षा कर रहे हैं.

सवाल-क्या आपको नाचना बहुत पसंद है ?
जवाब - नाटी, हमारी हिमाचली संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन ऐसा नहीं है कि मैं नाचता ही रहता हूं.

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First published: March 4, 2020, 10:27 AM IST
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