बेटियां बचाने के लिए हिमाचल के मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों को राष्ट्रीय सम्मान

 शिमला के डीसी को सम्मानित करती हुई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.
शिमला के डीसी को सम्मानित करती हुई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.

बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए देश के 10 श्रेष्ठ जिलों में हिमाचल के सिरमौर (Sirmour), मंडी (Mandi) और शिमला (Shimla) जिले का आंका गया है.

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शिमला. बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ (‌Beti Bachao Beti Padhao) के लिए हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के तीन जिलों को राष्ट्रीय सम्मान मिला है. सूबे के शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों को यह सम्मान मिला है. मंडी के डीसी ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर और शिमला से डीसी अमित कश्यप और सिरमौर के डीसी डॉ. आरके परुथी को नई दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सम्मानित किया है. बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए देश के 10 श्रेष्ठ जिलों में हिमाचल के सिरमौर (Sirmour), मंडी (Mandi) और शिमला (Shimla) जिले का आंका गया है.

डीसी सिरमौर को सम्मानित करती हुई केंद्रीय स्मृति ईरानी.
डीसी सिरमौर को सम्मानित करती हुई केंद्रीय स्मृति ईरानी.


यह बोले डीसी मंडी
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए समस्त जिला वासियों को बधाई दी है. अपने संदेश में ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि जिला की तमाम जनता की सहभागिता से ही आज जिला को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिला के लोग और भी अधिक तत्परता से इस अभियान में कार्य करेंगे और जिला को देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रखने में अपना योगदान देंगे.
पहले टल गया था समारोह


उल्लेखनीय है कि पहले यह पुरस्कार 7 अगस्त 2019 को मिलना था, लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के कारण यह समारोह स्थगित कर दिया गया था. अब दोबारा से इस समारोह की तिथि निर्धारित की गई थी और शुक्रवार को दिल्ली में सम्मान से नवाजा गया.

यह काम किए
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लिंग असंतुलन को दूर करने के लिए तीन जिलों ने पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है. इसके लिए प्रशासन ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत स्त्री अभियान के माध्यम से महिला मंडलों का सहयोग लेकर गांव-गांव में काम किया है. अभियान में एक नया आयाम जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ कर योजना शुरू की गई है.

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