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करोड़ाें के कर्ज से हिमाचल को बाहर लाने की कवायद शुरू, एक बार फिर फोकस टूरिज्म पर

बैठक के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं.

बैठक के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं.

सीएम जयराम ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं पर अधिकारियों को फोकस करने का निर्देश दिया.

  • News18.com
  • Last Updated: April 8, 2021, 1:17 AM IST
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शिमला. हिमाचल को एक बार फिर आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने का प्रयास करने में सरकार लगी हुई है. जयराम सरकार अब प्रदेश को 60 हजार करोड़ के कर्ज से बाहर लाने के लिए पर्यटन पर ही फोकस करने जा रही है. कोरोना संक्रमण के चलते पिछले एक साल में प्रदेश को काफी नुकसान हुआ है. लेकिन एक बार फिर हालात सामान्य होने की संभावना के चलते सरकार को पर्यटन से काफी उम्मीद है. इसी को देखते हुए बुधवार को सीएम जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान सीएम ने पर्यटन परियोजनाओं को तय सीमा में पूरा करने का अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया. गौरतलब है कि सरकार उन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है जिनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है.

बैठक में सीएम जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं देना चाहती है ताकि अधिक संख्या में पर्यटक हिमाचल की ओर आकर्षित हो सकें.

इन परियोजनाओं पर फोक्स
सीएम के गृह मंडी जिले के जंजैहली में पर्यटन केंद्र का कार्य चल रहा है. इस केंद्र के निर्माण में 25.17 करोड़ रु. खर्च किए गए हैं. सीएम का मानना है कि यह केंद्र इस घाटी की यात्रा पर आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण रहेगा. इस केंद्र में ओपन एयर थियेटर, 3 कॉटेज, कन्वेंशन सेंटर, कैफेटेरिया और 12 आधुनिक कमरों की सुविधा उपलब्ध होगी. कांगड़ा में 17 करोड़ रु. की लागत से कांगड़ा हाट का निर्माण किया जा रहा है. डल झील के सौंदर्यीकरण और चम्बा जिले के भलेई में कला एवं शिल्प परियोजना के माध्यम से एक ओर जहां प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा को दर्शाने में सहायता मिलेगी वहीं ये पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का विशेष केंद्र बनकर उभरेंगे. यह परियोजना इस वर्ष सितम्बर माह तक पूरी करने का लक्ष्य है, इस पर 4 करोड़ की लागत आएगी. डल झील के सौंदर्यीकरण का कार्य भी इसी वर्ष सितम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य है, इस पर भी चार करोड़ रु. का खर्च आएगा.
सोलन जिले के क्यारीघाट में 29.90 करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. कंडाघाट के समीप 44 बीघा भूमि पर कला एवं शिल्प गांव को विकसित करने का कार्य चल रहा है. इसके लिए फोरेस्ट क्लियरेंस मिलना अभी बाकी है. ये दोनों परियोजनाएं कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बनाई जा रही हैं. इससे भी सरकार को उम्मीद है कि सैलानियों को नए स्थान देखने को मिलेंगे.



जिला में मंडी में शिव धाम परियोजना का कार्य प्रगति पर है. आने वाले समय में वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सीएम ने मंडी से शिव धाम तक सम्पर्क सड़क मार्ग को चौड़ा करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा है कि यह ध्यान रखा जाए कि कंकरीट के ढांचों के निर्माण न हो.

राजधानी शिमला में बेंटनी कैसल के जीर्णाद्धार का जारी है. इस कार्य को पूरा करने के लिए भी सितंबर तक का लक्ष्य तय किया गया है. इस पर 25.45 करोड़ रु. की लागत आएगी. बेंटनी कैसल के साथ साथ टाउन हॉल में लाइट एंड साउंड शो आयोजित करने के लिए कार्य को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

धर्मशाला-मैकलोड़गंज, पलचान-रोहतांग, आदि हिमानी-चामुंडा, श्री आनंदपुर साहिब-श्री नैना देवी में रोप-वे के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का मानना है कि इनसे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को न केवल परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. इस संबंध में सीएम ने अधिकारियों को वन स्वीकृतियों के मामले प्रभावी तरीके से उठाने के भी निर्देश दिए ताकि सभी पर्यटन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य आरंभ हो सके.

चांशल घाटी के लिए निजी निवेश की कवायद
जय राम सरकार सार्वजनिक-निजी सहभागिता से शिमला जिले के चांशल में एक महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजना शुरू करना चाहती है. विशेषतौर पर साहसिक खेल प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए इस परियोजना पर विचार कर रही है. सरकार की योजना है कि एक रोप-वे, स्की लिफ्ट, स्की रिजोर्ट, हेलीपेड, कैंपिंग और स्की स्लोप विकसित किए जाएंगे. इस परियोजना के लिए एक्सपे्रशन ऑफ इंटरेस्ट बीते एक मार्च  को जारी किया जा चुका है जिसके लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल तय की गई है.

अटल टनल पर विशेष ध्यान
सीएम का कहना है कि अटल टनल रोहतांग के उत्तरी और दक्षिणी पोर्टल पर कार्य में तेजी लाई जाएगी. ये सुरंग प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में एक बन चुकी है, ऐसे में कार्य के जल्द पूरा होने से पर्यटकों को सड़क किनारे बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ठहरने के साथ साथ भोजन की भी उचित व्यवस्था मिलेगी. सीएम ने  अधिकारियों को कुल्लू जिले के प्रीणी गांव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक स्थापित करने के लिए संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए.उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में सभी प्रमुख हेलीपोर्ट परियोजनाओं का कार्य निश्चित समय में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को इनका लाभ जल्द मिल सके.
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