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हिमाचल में नया पे-स्केल देने का सकंट! 1000 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी BJP सरकार

हिमाचल में नया पे-स्केल देने का सकंट! 1000 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी BJP सरकार

 हिमाचल प्रदेश सरकार 1,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है.

हिमाचल प्रदेश सरकार 1,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है.

Himachal Government Taking new Loan: हिमाचल में सरकार पर लगातार कर्ज ले रही है और यह 63 हजार करोड़ पहुंच गया है. वैसे भी वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत में हिमाचल की वित्तीय देनदारी बढ़ गई हैं. राज्य का कर्ज बढ़कर 62212 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.57 प्रतिशत अधिक है. हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में पेश भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था.

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    शिमला. आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार 1000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है. इस बीच 500-500 करोड़ रुपये की दो अधिसूचनाएं प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई हैं. इस लोन वर्ष 2031 और 2033 तक चुकता किया जाएगा. वित्त विभाग के प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने अधिसूचनाएं जारी की हैं. हिमाचल सरकार यह ऋण विकास कार्यों के नाम पर ले रही है, लेकिन हकीकत यह है कि कर्मचारियों को नया वेतनमान देने के लिए सरकार को खर्च लेना पड़ रहा है, क्योंकि नया वेतनमान देने के लिए सरकार पर 4,000 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा.

    जानकारी के अनुसार, इससे पहले, 26 अगस्त 2021 में भी सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. बाद में 18 नवंबर 2021 को 2000 करोड़ रुपये के कर्ज की अधिसूचनाएं जारी की थीं. चार महीने में सरकार 4000 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है.

    सरकार के पास पैसों का संकट
    राज्य सरकार ने एक जनवरी से कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान जारी करने की घोषणा की है, लेकिन राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और कोविड काल में आर्थिक तंगहाली के बारे में सबको जानकारी है. पंजाब सरकार के बाद छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद से हिमाचल सरकार के लिए नया वेतनमान देने का दवाब बढ़ा था.

    लगातार बढ़ रहा है कर्ज
    हिमाचल में सरकार पर लगातार कर्ज ले रही है और यह 63 हजार करोड़ पहुंच गया है. वैसे भी वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत में हिमाचल की वित्तीय देनदारी बढ़ गई हैं. राज्य का कर्ज बढ़कर 62212 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.57 प्रतिशत अधिक है. हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में पेश भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था. 2019-20 में कुल राजकोषीय देनदारी-सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) अनुपात पिछले वर्ष की तुलना में 2.31 प्रतिशत से बढ़कर 37.60 प्रतिशत हो गया था.

    Tags: Bank Loan, Employees salary, Himachal Government, Himachal pradesh, Shimla News

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