…तो हिमाचल में इसलिए याद किए जाएंगे राज्यपाल आचार्य देवव्रत

हिमाचल प्रदेश के लोग आचार्य देवव्रत का बतौर राज्यपाल के कार्यकाल को लम्बे समय तक याद करते रहेंगे, क्योंकि आचार्य देवव्रत ऐसे पहले राज्यपाल रहे, जो राजभवन से निकल कर लोगों के बीच रहे और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए चार साल से प्रयास करते रहे.

G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 15, 2019, 3:48 PM IST
…तो हिमाचल में इसलिए याद किए जाएंगे राज्यपाल आचार्य देवव्रत
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का ट्रांसफर कर उन्हें गुजरात का राज्यपाल बनाया गया है. इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
G.S. Tomar
G.S. Tomar | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 15, 2019, 3:48 PM IST
हिमाचल के करीब चार साल राज्यपाल रहे आचार्य देवव्रत अब गुजरात के नए राज्यपाल होंगे. वहीं, कलराज मिश्र को प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति भवन से दोनों राज्यपालों के नियुक्ति की अधिसूचना जारी हो चुकी है.

सूबे में ये काम किए
आचार्य देवव्रत ने 12 अगस्त 2015 को हिमाचल के राज्यपाल का कार्यभार संभाला था. आचार्य देवव्रत ने राजभवन में बिट्रिश काल से निभाई जा रही रस्मों पर रोक लगाई और राजभवन में हवन यज्ञ करवाने की नई रिवायत शुरू की.

जीरो बजट खेती के लिए प्रयास

प्रदेश में शून्य लागत प्राकृतिक खेती को शुरू करवाने का श्रेय राज्यपाल आचार्य देवव्रत को जाता है, राज्यपाल के प्रयासों से प्रदेश में करीब पौने तीन हजार किसान प्राकृतिक खेती कर रहे है राज्यपाल ने साल ते अंत तक 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया था. प्रदेश में अपनाया जा रहा शून्य लागत प्राकृतिक खेती के मॉडल का केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में सराहना की और इसे पूरे देश में लागू करने की घोषणा की.

सफाई अभियान छेड़ा
प्रदेश में सफाई को लेकर भी राज्यपाल ने अभियान छेड़ा, कई कार्यक्रमों में आचार्य देवव्रत सफाई अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे और शिमला-कालका रेल ट्रैक की भी सफाई करवाई. वह समय-समय पर सूबे में सफाई अभियान चलाते रहे.
Loading...

एचपीयू के हॉस्टलों की दशा सुधारी
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) में छात्रों को हॉस्टल की बेहतर सुविधा को लेकर भी राज्यपाल आचार्य देवव्रत चर्चाओं में रहे. हॉस्टल की हालत सुधारने के लिए राज्यपाल ने व्यक्तिगत तौर पर कई-कड़े कदम उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार भी लगाई. खुद यूनिवर्सिटी का दौरा कर हॉस्टल की हालत में देखी और सुधार के निर्देश दिए थे.

बिजली बचाने का अभियान
प्रदेश में बिजली बचाओं अभियान को छेड़ा और लोगों को बिजली बचाने के लिए जागरूक किया. साथ ही राजभवन में बिजली बचाने के लिए भी राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कदम उठाए, जिससे सालाना लाखों रूपये के बिजली बिल में कमी आई।

चार साल प्रदेश में रहे
हिमाचल प्रदेश के लोग आचार्य देवव्रत का बतौर राज्यपाल के कार्यकाल को लम्बे समय तक याद करते रहेंगे, क्योंकि आचार्य देवव्रत ऐसे पहले राज्यपाल रहे, जो राजभवन से निकल कर लोगों के बीच रहे और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए चार साल से प्रयास करते रहे.

ये भी पढ़ें: कलराज मिश्र हिमाचल औरआचार्य देवव्रत होंगे गुजरात के राज्यपाल

ये भी पढ़ें-सोलन हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, 13 जवानों समेत 14 की मौत

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 15, 2019, 3:46 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...