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हिमाचल सरकार को नहीं पता कितने आउटसोर्स कर्मी, करना होगा नीति का इंतजार

हिमाचल सरकार को नहीं पता कितने आउटसोर्स कर्मी, करना होगा नीति का इंतजार

बैठक के बाद महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ विभागों से अब तक कर्मचारियों का डाटा नहीं आया है.

बैठक के बाद महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ विभागों से अब तक कर्मचारियों का डाटा नहीं आया है.

Outsource Employee in Himachal: बैठक के बाद महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ विभागों से अब तक कर्मचारियों का डाटा नहीं आया है. उन्होंने कहा कि सभी विभागों को आदेश दिया है कि 3 फरवरी तक कर्मचारियों का पूरा डाटा दिया जाए. उसके बाद उप समिति की एक और बैठक होगी और बैठक के बाद पूरा मामला चर्चा के लिए कैबिनेट में ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि बजट सत्र से पहले ये मामला कैबिनेट में पहुंच जाएगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के लिए हैरान करने वाली खबर से है. यह शर्मनाक भी है. दरअसल, सरकार को यह जानकारी ही नहीं है कि विभिन्न विभागों में आउटसोर्स पर कितने कर्मचारी कार्यरत हैं. इस बात का खुलासा शुक्रवार को राजधानी शिमला में आयोजित मंत्री परिषद की उप समिति की बैठक में हुआ. प्रदेश में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं प्रदान कर रहे कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों के निवारण के लिए मंत्री परिषद की उप-समिति गठित की गई है. उप-समिति के अध्यक्ष जल शक्ति, राजस्व, बागवानी व सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर हैं. महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागाध्यक्षों ने भाग लिया.बैठक में उप-समिति के सदस्य एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी भी उपस्थित थे.

बैठक के बाद महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ विभागों से अब तक कर्मचारियों का डाटा नहीं आया है. उन्होंने कहा कि सभी विभागों को आदेश दिया है कि 3 फरवरी तक कर्मचारियों का पूरा डाटा दिया जाए. उसके बाद उप समिति की एक और बैठक होगी और बैठक के बाद पूरा मामला चर्चा के लिए कैबिनेट में ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि बजट सत्र से पहले ये मामला कैबिनेट में पहुंच जाएगा.

मंत्री ने क्या तर्क दिया

सूचना में देरी पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 100 से ज्यादा कंपनियों के अधीन विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों में हजारों युवा आउटसोर्स आधार पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इन युवाओं की सेवाएं ली जा रही हैं. बैठक में  जल शक्ति मंत्री ने विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिए कि वे आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा जीएसटी, ईपीएफ, ईएसआईसी के समयबद्ध भुगतान से संबंधित ब्यौरे की निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए. विभागाध्यक्ष अपने विभागों के माध्यम से चयनित एजेंसियों के साथ बैठक कर इसका पुर्न-मिलान भी करें. इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीएसटी, ईपीएफ, ईएसआईसी अंशदान के समयबद्ध भुगतान की निगरानी के लिए एक समरूप प्रणाली विकसित करने के लिए सभी विभागों से सुझाव भी आमंत्रित किए.

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, निगमों व बोर्डों में कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करवा रही एजेंसियों के सर्विस चार्ज में भी समरूपता लाई जानी चाहिए. हालांकि, एक अनुमान के अनुसार, हिमाचल में 40  हजार के करीब ऑउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभाग में तैनात हैं.

Tags: CM Jairam Thakur, Himachal pradesh, Mandi City, Shimla police

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