हिमाचल में 100% कैपेसिटी के साथ बसें चलाने को लेकर असमंजस में सरकार
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हिमाचल में 100% कैपेसिटी के साथ बसें चलाने को लेकर असमंजस में सरकार
हिमाचल में एक जून से शुरू हुई थी बस सेवा.

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि निजी आप्रेटरों की मांग भी जायज है क्योंकि वे इसे अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं. सरकार ने सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए 100 प्रतिशत सीटिंग कैपेसिटी के साथ बसें चलाने का फैसला किया है.

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शिमला. हिमाचल की जयराम सरकार (Himachal Govt) 100 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ बसें चलाने को लेकर असमंजस में है. कैबिनेट बैठक में निर्णय होने के बावजूद और डीसी-एसपी के साथ हुई बैठक में चर्चा के बाद भी एक जुलाई से 100 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ बसें (Buses) चलाने की अधिसूचना जारी नहीं हो पाई. राज्य सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा हुई. इसमें भी यह मुद्दा उठा.

किराया बढ़ोतरी का प्रपोजल भी पहुंचा
इसके साथ-साथ सरकार के पास किराया बढ़ोतरी का प्रपोजल भी पहुंचा है, जिस पर फैसला होना बाकी है. बसें चलाने में सक्षम नहीं हो पाए कई निजी आप्रेटरों ने आज भी अपनी बसें नहीं चलाई. दरअसल उनकी मांग है कि सरकार पहले किराया बढ़ाए क्योंकि डीजल के दाम भी बढ़े हैं. इस पर सरकार फैसला लेने से कतरा रही है.

क्या बोले सीएम
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि निजी आप्रेटरों की मांग भी जायज है क्योंकि वे इसे अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं. सरकार ने सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए 100 प्रतिशत सीटिंग कैपेसिटी के साथ बसें चलाने का फैसला किया है. लेकिन स्टैंडिंग में कोई यात्री नहीं होगा. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि एक-आध दिन में सरकार अधिसूचना जारी करेगी. बस किराये पर बढ़ौतरी का अभी कोई फैसला नहीं किया है. बता दें कि हिमाचल में साठ फीसदी सीटिंग कैपेसिटी के साथ बसें चल रहे हैं. बसों में सफर करने से भी लोग कतरा रहे हैं. वहीं हिमाचल में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी 979 पहुंच गई है.
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