नशे के खात्मे के लिए ‘हकोका’ कानून बनाएगी हिमाचल सरकार

मंडी, शिमला, सोलन और कुल्लू में चिट्टे के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है. क्योंकि तीनों इलाके हिमाचल के काफी चर्चित इलाके हैं और स्कूल और कॉलेजों की संख्या भी यहां काफी अधिक है, इसलिए नशा माफिया के निशाने पर हैं.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 26, 2019, 4:07 PM IST
नशे के खात्मे के लिए ‘हकोका’ कानून बनाएगी हिमाचल सरकार
सीएम जयराम ठाकुर. (फाइल फोटो)
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 26, 2019, 4:07 PM IST
हिमाचल में फैलता नशे का जाल अब सरकार के लिए चिंता का कारण बन गया है. उत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दूसरी बैठक में उत्तर राज्यों में फैल रहे नशे के खिलाफ साझा मुहिम चलाने की रणनीति बनी है. साथ ही हिमाचल ने कड़ा कानून लाने की भी बात कही है.

कभी चरस और अफीम के लिए प्रसिद्ध रहा हिमाचल अब चिट्टे (हैरोइन) की जकड़ में आ गया है. हैरोइन जिसे साधारण भाषा में चिटा नाम से जाना जाता है, हिमाचल इसकी जकड़ में आ रहा है. एक संगठित तरीके से हिमाचल में नशे का काम हो रहा है, जिस पर सरकार अब कड़ा कानून लाने पर विचार कर रही है. सीएम जयराम ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने महाराष्ट्र में संगठित अपराधों को रोकने के लिए मकोका कानून है, जिसे देखते हुए हिमाचल भी ऐसा ही कानून लाने पर विचार कर रही है. सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस कानून का दुरुपयोग न हो.

पांच राज्यों ने की मीटिंग
25 जुलाई यानी गुरुवार को चंडीगढ़ में बैठक को लेकर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ साझा तंत्र विकसित करने का फैसला हुआ. संयुक्त रणनीति के तहत साझा ऑपरेशन करेंगे. नशे का कारोबार कर रहे बड़े लोगों को भी पकड़ा जाएगा.

सीएम का आग्रह
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश विधानसभा से पारित कर भेजे गए ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट को केंद्रीय कानून में समायोजित किया जाए, जिसमें नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का प्रावधान है. खासकर नशे की खेप की मात्रा को लेकर भी असमंजस रहती थी. अब नशे का भार आरोपी को ही साबित करना होगा. पुलिस के पास ऐसे नशे के कारोबार में प्रयुक्त हो रहे परिसर को सील करने का भी अधिकार होगा. इसके अलावा भी कई प्रावधान किए गए हैं.

चिट्टा का प्रचलनन बढ़ा
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काफी समय से देखने में आ रहा है कि हिमाचल नशे का डंपिंग ग्राउंड बनता जा रहा है. चिटा नशा हिमाचल की युवा पीढ़ी को खत्म करने पर तुला है. पूर्व में कई मौतें भी हो चुकी हैं. पुलिस के पास चरस और अफीम तस्कर के बाद अब चिटा माफिया चुनौती बन गया है, जिसे देखते हुए सरकार को सतर्क होने की जरूरत है. मंडी, शिमला, सोलन और कुल्लू में चिट्टे के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है. क्योंकि तीनों इलाके हिमाचल के काफी चर्चित इलाके हैं और स्कूल और कॉलेजों की संख्या भी यहां काफी अधिक है, इसलिए नशा माफिया के निशाने पर हैं.

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First published: July 26, 2019, 1:30 PM IST
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