हरियाणा के पूर्व कांग्रेस MLA की सजा पर रोक वाली याचिका पर हिमाचल HC ने मांगा रिकॉर्ड

हिमाचल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है.

हिमाचल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है.

पूरे मामले में कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी के अलावा पंचकूला जिले के 14 दोषियों को सजा सुनाई गई है. इस मामले में 13 जून 2011 को बद्दी थाने में मामला दर्ज हुआ था.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में एक मामले में फंसे हरियाणा के कालका से पूर्व कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी (Congress MLA Pradeep Chaudhary) का राजनीतिक कैरियर दांव पर है. हिमाचल हाईकोर्ट (Himachal High Court) में प्रदीप चौधरी की सजा पर रोक लगाने की याचिका के मामले पर 8 अप्रैल को सुनवाई होनी है. इसको लेकर हिमाचल के एडवोकेट जनरल अशोक शर्मा का कहना है कि ये बेहद संवेदनशील मामला है. अदालत ने इस मामले का पूरा रिकार्ड मांगा है. मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई हुई थी, कोर्ट को असिस्टेंट देने के लिए एडवोकेट जनरल मौजूद रहे थे. जस्टिस संदीप शर्मा की कोर्ट में ये मामला चल रहा है.

तीन साल की सजा सुनाई है

निचली अदालत ने वर्ष 2011 के एक मामले में प्रदीप चौधरी को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई है. इस फैसले पर रोक लगाने के लिए चौधरी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की नालागढ़ कोर्ट ने विधायक समेत 15 लोगों को कोर्ट ने तीन-तीन साल की जेल की सजा और 85-85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. हरियाणा विधानसभा से प्रदीप चौधरी सदस्यता भी रद्द हो गई है.

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ये था मामला

जानकारी के अनुसार, 31 मई 2011 को थाना बरोटीवाला में ट्रैफिक चैकिंग के दौरान सुना सिंह निवासी पप्सोहा पुलिस को देखकर बचने के दौरान बिजली ट्रांसफार्मर की तारों की चपेट में आ गया था. युवक की इलाज के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई थी. इस घटना पर परिजनों, प्रदीप चौधरी और अन्य लोगों ने बद्दी रेडलाइट चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया था. इस दौरान पुलिस पर हमला किया गया था. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. बद्दी पुलिस थाने की सरकारी गाड़ी भी फूंक दी गई थी.इस पूरे मामले में कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी के अलावा पंचकूला जिले के 14 दोषियों को सजा सुनाई गई है. इस मामले में 13 जून 2011 को बद्दी थाने में मामला दर्ज हुआ था.
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