हिमाचल की जेलों में बंद कैदियों के आएंगे ‘अच्छे दिन’, उद्योगों में करेंगे काम

शिमला में कैदियों को लेकर एक सम्मलेन चल रहा है, जो गुरुवार को संपन्न होगा.
शिमला में कैदियों को लेकर एक सम्मलेन चल रहा है, जो गुरुवार को संपन्न होगा.

डीजी जेल सोमेश गोयल (DG Jail Somesh Goyal) का कहना है कि जेलों में जितने भी सुधार हुए हैं, वह व्यक्ति विशेष की पहल पर हुए हैं. कैदियों में कैसे सुधार करना है, इसके लिए कुछ नीति बनानी होगी.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की जेलों (Jail) में बंद कैदियों (Prisoners) के जल्द ही अच्छे दिन आने वाले हैं. करीब 2450 कैदियों को काम देने की तैयारी की जा रही है. सरकार और जेल प्रशासन में इस बारे में बातचीत चल रही है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो इन कैदियों को उद्योगों में काम करने का मौका मिलेगा.

शिमला में हो रहा मंथन
बता दें कि शिमला में जेल विभाग (Himachal Jail Department) ने बुधवार से दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया. इस सम्मेलन में कैदियों के अच्छे दिनों पर मंथन किया जा रहा है. राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया है. मौके पर गृह सचिव मनोज कुमार, डीजी जेल सोमेश गोयल, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के आईजी समेत विभिन्न विभागों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

कैदी सुधार कार्यक्रम चलाए
हिमाचल जेल प्रशासन की ओर से कैदी सुधार के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. सुधरने की इच्छा रखने वाले कैदियों को न केवल सामाजिक बल्कि भावनात्मक, आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से भी सक्षम बनाया जा रहा है. हिमाचल पहला ऐसा राज्य है, जिसके जेल विभाग ने उद्योगों के साथ मिलकर सैकड़ों कैदियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया है.



डीजी जेल सोमेश गोयल.
डीजी जेल सोमेश गोयल.


डेढ़ लाख तक कमा रहे कैदी
हिमाचल की कई जेलों में कैदी बैकरी के अलावा, हैंडीक्राफ्ट जैसे उत्पाद बना रहे हैं और इन्हें फिर प्रदर्शनी और दूसरे आयोजनों में बेचा जाता है. वर्तमान में जो कैदी विभिन्न कार्य करके पैसा कमा रहा है उसकी सालाना कमाई 1 लाख 38 हजार से रूपए से ज्यादा है. जेलों में कैदियों की प्रति कैदी आय के हिसाब से हिमाचल बिहार और तेलगांना के बाद तीसरे स्थान पर है और जबकि कैदियों को दिए जाने वाले भत्तों में पहले स्थान पर है. कैदियों को और किस तरह से सक्षम बनाया जा सके इसको लेकर इस कॉन्फ्रेंस में मंथन किया जाएगा.

यह बोले डीजी
डीजी जेल सोमेश गोयल (DG Jail Somesh Goyal) का कहना है कि जेलों में जितने भी सुधार हुए हैं, वह व्यक्ति विशेष की पहल पर हुए हैं. कैदियों में कैसे सुधार करना है, इसके लिए कुछ नीति बनानी होगी. सरकार का रवैया इसे लेकर सकारात्मक है. इसे लेकर केवल एक प़़ॉलिसी बनाने की जरूरत है. अफसरों का काम है कि वह नीति बनाएं और सरकार का काम उसे अप्रूव करना है.

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