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हिमाचल किसान सभा का बड़ा ऐलान- 1 दिसंबर तक स्थिति साफ नहीं हुई तो करेंगे दिल्ली कूच

हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया.
हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया.

हिमाचल किसान सभा (Himachal Kishan Sabha) के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने किसान आंदोलन (Farmer agitation) का समर्थन करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ने किसानों की मांगें पूरी नहीं की तो प्रदेश के हर जिले से किसान दिल्ली जाएंगे और आंदोलन में हिस्सा लेंगे.

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शिमला. कृषि कानूनों (Agriculture Laws) को वापस लेने की मांग पर दिल्ली में पंजाब और हरियाणा के किसान (Farmers) डेरा डालकर बैठे हैं. हालांकि हिमाचल के किसान इस आंदोलन से अबतक दूर हैं. लेकिन प्रदेश की किसान सभा ने रविवार को ऐलान कर दिया है कि एक दिसंबर तक अगर केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों पर स्थिति साफ नहीं की या कोई उचित कदम नहीं उठाया, तो प्रदेश के किसान भी दिल्ली कूच करने को बाध्य होंगे.

हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ने किसानों की मांगें पूरी नहीं की तो प्रदेश के हर जिले से किसान दिल्ली जाएंगे और किसान आंदोलन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि इस वक्त भी दिल्ली में हिमाचल के कुछ ही किसान डटे हुए हैं, लेकिन आने वाले समय में बड़ी संख्या में हिमाचल के किसान आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराएंगे.

डॉ. तंवर ने कहा कि किसानों की सभी मांगें जायज हैं. केंद्र सरकार के कृषि कानून पूरी तरह किसान विरोधी हैं. हिमाचल के किसान और बागवान भी इससे प्रभावित होंगे.



उन्होंने कहा कि हिमाचल की मुख्य नगदी फसल फल और सब्जियां हैं. इनकी खरीद पर किसी तरह का समर्थन मूल्य नहीं दिया जाता है. इसके अलावा न ही इनके प्रोसेसिंग और स्टोरेज की व्यवस्था है. इसके अलावा कई तरह की परेशानियां हैं. नये कानून किसानों की परेशानियों को और अधिक बढ़ाने वाले हैं. ऐसे में इस समय एक निर्णायक लड़ाई लड़ने की जरूरत है. इसके लिए किसान सभा प्रदेश के किसानों को एकजुट करने में जुटी है.
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