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Himachal’s New Liquor Policy: हिमाचल में सस्ती होगी शराब, पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी होगी बिक्री

सांकेतिक तस्वीर

Himachal’s New Liquor Policy: नीति के तहत सभी हितधारकों जैसे सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक विक्रेता, बोटलिंग प्लांट, डिस्टिलरीज और होटल और बार को शामिल किया गया है. सरकार का कहना है कि विभाग ने सभी वर्गों से फीडबैक लेकर उसी के आधार पर निर्णय लिए गए हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर की कैबिनेट (Cabinet) ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. पड़ोसी राज्यों से शराब तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने तथा सरकारी राजस्व (Revenue) में पर्याप्त वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट, ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर 2021-22 के लिए ठेकों के नवीनीकरण की मंजूरी दी गई. नई नीति के अनुसार, भारत में निर्मित विदेशी शराब (Liquor) के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे. लाइसेंस फीस तथा एक्साइज ड्यूटी में कटौती तथा अंतरजिला और जिले में कोटे के ट्रांसफर की सुविधा को स्वीकृति दी गई.

शराब (Liquor) निर्माताओं तथा बॉटलर्स को देसी शराब के कोटे का 15 प्रतिशत रिटेल लाइसेंसधारक को आपूर्ति करने की सुविधा दी गई है. पहले रिटेल लाइसेंस धारक शेष 85 प्रतिशत कोटा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ता से ले सकेंगे. पहले यह कोटा 30 प्रतिशत था. इसमें लाइसेंस फीस में पांच प्रतिशत और कोटे में तीन प्रतिशत की वृद्धि की योजना है.

1829 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य
बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत इस वर्ष 1829 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है. यह वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 228 करोड़ रुपये अधिक है. मंत्रिमण्डल ने कोविड के कारण उत्पन्न वर्तमान स्थिति को देखते हुए आबकारी वर्ष 2020-21 को एक माह बढ़ाकर 30 जून 2021 तक करने का निर्णय लिया गया है. नई आबकारी नीति 1 जुलाई से 31 मार्च 2022 तक 9 महीनों के लिए लागू रहेगी. यह पहली बार है जब प्रदेश में आबकारी नीति 9 महीनों के लिए लागू रहेगी.

नई लाइसेंस पॉलिसी भी मंजूर
टेंट आवास में शराब परोसने के लिए नये लाइसेंस को मंजूरी प्रदान की गई और वाइन उत्पादन इकाइयों और वाइन टेस्टिंग फेस्टिवल में विजिटर सेंटर के लिए नए लाइसेंस को स्वीकृती दी गई. इसी प्रकार कुछ नियमों और शर्तों के साथ पैट्रोलियम कम्पनियों को विशेष आपूर्ति के उद्देश्य के लिए इथेनॉल के उत्पादन के लिए डी-2ई फार्म में नए लाइसेंस को स्वीकृति प्रदान की गई और डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब के कुछ उच्च स्तरीय ब्रांड की बिक्री के लिए एल-10बीबी फार्म में लाइसेंस को भी मंजूरी दी गई. होटलों के बार में शराब के कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है. सीएसडी कैन्टीन के लिए लाइसेंस फीस में कटौती की गई और सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को एल-9 व एल-9ए के रूप में कैन्टीन के शराब लाइसेंस की सुविधा प्रदान की गई.

आबकारी पुलिस को मंजूरी
कैबिनेट ने अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर शराब तस्करी, अवैध व्यापार और शराब की अवैध विक्री के कारण राजकोष को होने वाले आबकारी राजस्व घाटे को रोकने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी पुलिस की सैद्धांतिक मंजूरी दी है.  सब-वेन्ड जोड़ने की लागत में काफी कमी की गई है और तय कोटा न उठाने पर लगाए जाने वाले जुर्माने का युक्तिकरण किया गया है, जबकि थोक व्यापारियों को भंडारण तथा परिवहन के दौरान ब्रेकेज को 0.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.6 प्रतिशत किया गया है. इस नीति के तहत सभी हितधारकों जैसे सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक विक्रेता, बोटलिंग प्लांट, डिस्टिलरीज और होटल और बार को शामिल किया गया है. सरकार का कहना है कि विभाग ने सभी वर्गों से फीडबैक लिया है, उसी के आधार पर निर्णय लिए गए हैं.