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हिमाचल: Teachers' Day पर राज्यपाल ने 17 शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- गुरु बिना ज्ञान संभव नहीं

हिमाचल: Teachers' Day पर राज्यपाल ने 17 शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- गुरु बिना ज्ञान संभव नहीं

राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि शिक्षक दिवस पर हम सभी इकट्ठे हुए हैं. सरकार की ओर से कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया गया है.

राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि शिक्षक दिवस पर हम सभी इकट्ठे हुए हैं. सरकार की ओर से कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया गया है.

Teacher's Day: राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर है. गुरु का मतलब बड़ा होता है. हमारी संस्कृति में गुरु का बड़ा महत्त्व है. गुरु के सिवाय हमारा कोई भी कार्य सम्पन्न नहीं होता है.

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) पर सम्मानित किया गया. शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर (Governor Vishwanath Arlekar) मुख्यातिथि के रुप में शामिल हुए. इसके अलावा शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और शहरी मंत्री सुरेश भारद्वाज समेत कई अधिकारी और अध्यापक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. कोरोना काल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले 17 शिक्षकों को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शॉल, पारंपरिक टोपी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस मौके पर राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना का शुभारंभ किया.

राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि शिक्षक दिवस पर हम सभी इकट्ठे हुए हैं. सरकार की ओर से कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया गया है. शिक्षा दिवस हर साल मनाया जाता है. यह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर मनाया जाता है. अर्लेकर ने कहा कि वे एक प्रेरक और विचारक थे. साथ ही इस संस्कृति से जुड़े हुए थे. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कल्चरल हेरिटेज पुस्तक में जिक्र किया है कि इस देश में कैसी शिक्षा की जरूरत है. शिक्षकों के कारण ही अपने समाज का अस्तित्व बनता है.

नई शिक्षा नीति से दी जाएगी पूर्व राष्ट्रपति को सच्ची श्रद्धांजलि
राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर है. गुरु का मतलब बड़ा होता है. हमारी संस्कृति में गुरु का बड़ा महत्त्व है. गुरु के सिवाय हमारा कोई भी कार्य सम्पन्न नहीं होता है. प्रदेश और देश भी गुरु के बिना आगे नहीं बढ़ता है. हर घर पाठ्यक्रम हमारे प्रदेश में शुरु हुआ है, जिसके परिणाम सामने आ रहे हैं. राज्यपाल ने कहा कि गुरु का दायित्व भी उतना बड़ा होता है. दायित्व निभाने के लिए हर शिक्षक को विचार करना चाहिए. पाठशाला में शिक्षा देने के लिए अभ्यास होना चाहिए. चरित्र का अभाव जहां पर है उसको हटाने का दायित्व गुरुजनों का होता है. इसलिए आत्म परीक्षण और चिंतन करना जरूरी है. नई शिक्षा नीति को अपनाने के लिए सभी को प्रण लेना चाहिए, ताकि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके.

7 से 17 सितंबर तक मनाया जाएगा शिक्षा पर्व
उधर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक अध्यापक के रूप में उनसे शिक्षक स्नेह रखते थे. 1962 में जब वे देश के राष्ट्रपति बने तो अध्यापकों ने शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. विश्वभर में प्राचीन भारतीय संस्कृति में शिक्षक ही सर्वोच्च गुण वाला व्यक्ति ही इस क्षेत्र में प्रवेश करता था. 2021 में पहली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 34 वर्षों के बाद यहां लागू की गई. इस शिक्षा नीति में यह शिक्षा नीति जहां छात्रों के लिए समर्पित है वहीं,  शिक्षकों के लिए भी समर्पित है. उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक सभी के लिए समावेशी एक समान शिक्षा देने का लक्ष्य है. सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली का गठन करना विकास एजेंडा के लक्ष्य प्राप्त किए जाएंगे. 2040 तक भारत के लिए सर्वोच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा बनाई जाएगी. इस नीति के तहत भारत की परम्परा और 21वीं  सदी की शिक्षा के लिए तैयार की गई है.

इस चुनौती से निपटने को तैयार रहेंगे
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 7 से 17 सितंबर तक शिक्षक पर्व मनाने का आह्वान किया है. इसमें वेबीनार, कार्यशाला और चर्चाओं के माध्यम से नई शिक्षा नीति का प्रसार किया जाएगा. उधर, शिक्षक दिवस पर सम्मानित किए गए शिक्षकों ने कहा कि वे पुरस्कार पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने गांव-गांव जाकर स्कूली छात्रों को हर घर पाठशाला योजना के तहत सामग्री पहुंचाई और स्कूली बच्चों को पढ़ाया भी. इसके लिए कई जगह टीमें गठित की गईं और सभी के सहयोग से छात्रों को शिक्षा मुहैया करवाई गई. शिक्षकों ने कहा कि यदि कोरोना के चलते स्कूल नहीं खुलते हैं, तो वे इस चुनौती से भी निपटने को तैयार रहेंगे.

Tags: Himachal pradesh news, Shimla News, Teachers day

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