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हिमाचल उपचुनाव में हार के बाद टूटी सरकार की नींद, CM ने ली अधिकारियों की क्लास

हिमाचल उपचुनाव में हार के बाद टूटी सरकार की नींद, CM ने ली अधिकारियों की क्लास

लंबे समय से लटके जनहित्त के मुद्दों को निपटाने के लिए मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों की क्लास ली है.

लंबे समय से लटके जनहित्त के मुद्दों को निपटाने के लिए मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों की क्लास ली है.

Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है. यहां मंडी लोकसभा सीट के अलावा, तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा का सूपड़ा साफ हुआ है. ऐसे में अब सरकार ने कमर कसी है, ताकि विकासात्मक कामों को लेकर तेजी लाई जा सके. सीएम ने इसी कड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों से मीटिंग की है.

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शिमला. हिमाचल में उप चुनावों (Himachal By elections) में करारी शिकस्त झेलने के बाद लगता है कि सरकारी की नींद टूटी है. लंबे समय से लटके जनहित्त के मुद्दों को निपटाने के लिए मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों की क्लास ली है. भर्तियों के अलावा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं संबंधी मामले जो अदालत में लंबित है, उनको लेकर भी सीएम (CM Jairam Thakur) ने मंगलवार को राज्य सचिवालय में बैठक की. तय समय सीमा के भीतर सभी मामलों के निपटारे को लेकर सीएम ने कड़े आदेश दिए.

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सीएम जय राम ठाकुर ने प्रदेश के सभी विभागों में बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न न्यायालयों में चल रहे मामलों को जल्द सुलझाया जा सके और विकासात्मक गतिविधियां रूकावट न पैदा हो सके. मुख्यमंत्री प्रशासनिक सचिवों और महाधिवक्ता के साथ बैठक कर ये निर्देश दिए. पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट(आईटी), जेबीटी समेत विभिन्न विभागों के जो मामले अदालत में लंबित हैं, उनको लेकर बैठक की है. सीएम ने कहा कि उन मामलों का किस तरह से तय समय सीमा में निपटारा किया जा सकता है, इस पर बैठक की है. सीएम ने कहा कि विभिन्न विभागों में भर्तियां भी पेंडिंग हैं और विकास कार्य भी रुके हुए हैं.

लिटिगेशन मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर विकसित किया
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक लिटिगेशन मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर विकसित किया है और इस सॉफ्टवेयर में सभी अदालती मामले दर्ज किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि महत्वकांक्षी परियोजनाओं से सम्बन्धित और प्रमुखता वाले मामलों को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सचिवों को महाधिवक्ता के कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए ताकि अदालतों में मामलों को शीघ्र सुलझाया जा सके. जय राम ठाकुर ने कहा कि जेओए आईटी, जेबीटी इत्यादि से सम्बन्धित अदालती मामलों में तेजी लाई जानी चाहिए, क्योंकि इससे हजारों युवा लाभान्वित होंगे, इन भर्तियों पर लगी रोक को हटाने के प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने माननीय न्यायालयों से इन मामलों को सुलझाने का अनुरोध किया.

कई परियोजनाओं में हुई देरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्वीकृतियों और अदालतों में लम्बित मामलों के कारण कई विकासात्मक परियोजनाओं में देरी हुई है. सीएम ने विभिन्न न्यायालयों में स्वीकृति प्राप्त करने सम्बन्धी मामलों में अधिकारियों को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे न केवल आम लोगों को लाभ होगा बल्कि परियोजना सम्बन्धी लागत से भी बचा जा सकेगा. उन्होंने विभिन्न लम्बित मामलों की निगरानी के लिए नियमित बैठकों का आयोजन करने के भी निर्देश दिए. बैठक में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी और अधिक समन्वय और समर्पण भाव से कार्य करेंगे. बैठक में महाधिवक्ता अशोक शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जेसी शर्मा, प्रधान सचिव सुभाषीश पांडा, सचिव विकास लाबरू, राजीव शर्मा और अमिताभ आवस्थी भी बैठक में मौजूद रहे.

Tags: CM Jairam Thakur, Himachal Police, Himachal Politics, Himachal pradesh

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