हिमाचल प्रदेश कैबिनेट बैठक : नई आबकारी नीति मंजूर, 1829 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य

सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी मिली. (फाइल फोटो)

सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी मिली. (फाइल फोटो)

इस नई आबकारी नीति से इस वर्ष 1829 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने की परिकल्पना की गई है, जो वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 228 करोड़ रुपये अधिक है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति (new excise policy) को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक (cabinet meeting) में यह स्वीकृति मिली. इस नई आबकारी नीति से इस वर्ष 1829 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने की परिकल्पना की गई है, जो वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 228 करोड़ रुपये अधिक है.

नई आबकारी नीति के लिए वित्त वर्ष 9 महीने का

मंत्रिमंडल ने कोविड के कारण उत्पन्न वर्तमान स्थिति के मद्देनजर आबकारी वर्ष 2020-21 को एक महीने बढ़ाकर 30 जून 2021 तक करने का निर्णय किया. नई आबकारी नीति 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2022 तक नौ महीनों के लिए लागू रहेगी. प्रदेश में पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने और सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि करने का काम जारी रहेगा. इसके लिए खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट/ठेके की कीमत की तीन प्रतिशत राशि नवीनीकरण फीस के रूप में देनी होगी.

आइएमएफएल के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे
नई नीति के अनुसार आइएमएफएल के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे क्योंकि लाइसेंस फीस और एक्साइज डयूटी में कटौती व अन्तरजिला व जिले के भीतर कोटे के ट्रांसफर की सुविधा को स्वीकृति प्रदान की गई है. नई आबकारी नीति शराब निर्माताओं और बॉटलर्ज को देसी शराब के कोटे का 15 प्रतिशत रिटेल लाइसेंसधारक को आपूर्ति करने की सुविधा देगी. रिटेल लाइसेंसधारक शेष 85 प्रतिशत कोटा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ता से ले सकेंगे. यह पहले 30 प्रतिशत था. इसमें लाइसेंस फीस में पांच प्रतिशत और कोटे में तीन प्रतिशत की वृद्धि की परिकल्पना की गई है. टेंट आवास में शराब परोसने के लिए नए लाइसेंस को मंजूरी प्रदान की गई और वाइन उत्पादन इकाइयों व वाइन टेस्टिंग फेस्टिवल में विजिटर सेंटर के लिए नए लाइसेंस को स्वीकृति प्रदान की गई.

होटलों के बार में शराब के कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती

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