भारत की शान 'अटल रोहतांग टनल' से घबराया चीन, ग्लोबल टाइम्स के जरिए दी ये गीदड़भभकी...

नौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे अटल रोहतांग टनल को बीते तीन अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को समर्पित किया था
नौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे अटल रोहतांग टनल को बीते तीन अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को समर्पित किया था

चीन ने अपने मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (Global Times) अखबार के जरिए भारत को गीदड़भभकी दी है. अखबार ने लिखा है कि चीन की सेना अटल रोहतांग टनल (Atal Rohtang Tunnel) को बेकार करने की क्षमता रखती है. युद्ध की स्थिति में यह भारत के किसी काम नहीं आएगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 7:02 PM IST
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शिमला. समुद्र तल से दस हजार फीट की ऊंचाई पर बनी विश्व की सबसे लंबी अटल रोहतांग टनल (Atal Rohtang Tunnel) के उद्घाटन से चीन (China) बौखलाहट में है. चीन ने अपने मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (Global Times) अखबार के जरिए भारत को गीदड़भभकी दी है. अखबार ने लिखा है कि चीन की सेना (PLA Army) इस टनल को बेकार करने की क्षमता रखती है. युद्ध की स्थिति में यह भारत के किसी काम नहीं आएगी. दरअसल चीनी अखबार के जरिए यह बात उस समय कही गई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हाल ही में इस अटल टनल को देश के नाम किया है. नौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस टनल के बनने से सीधा फायदा सेना को होगा.

ग्लोबल टाइम्स की गीदड़धमकी से साफ जाहिर हो रहा है कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों और आधारभूत सुविधा विकसित करने से चीन घबरा गया है. साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि जो संदेश चीन को मिलना था वो भी मिल गया है.

'चीन की गीदड़भभकियों से डरने वाला नहीं भारत'
चीन के धमकी भरे लहजे पर हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत ऐसी गीदड़भभकियों से डरने वाला नहीं. भारत अब पहले वाला भारत नहीं रहा. देश अब मजबूत नेतृत्व वाले हाथों में है. उन्होंने कहा कि अटल टनल में पुलिस फोर्स भी बढ़ाई गई है. लेकिन यह सुरक्षा के अलावा ट्रैफिक रेगुलेट करने का लिए बढ़ाई है. उन्होंने कहा कि अटल रोहतांग टनल विश्वस्तरीय है. इसलिए इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं. दुर्घटना न हो और जाम न लगे इसके लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है.
बता दें कि अटल रोहतांग टनल 9.2 किलोमीटर लंबी है. यह लगभग 3,300 करोड़ की लागत से बनी अत्याधुनिक टनल है जिसे बनाने में 10 वर्ष लगे हैं. इंजीनियरिंग के इस नायाब नमूने का निर्माण बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने आधुनिक तकनीक से किया है. इस टनल के माध्यम से मनाली-लेह मार्ग के बीच लगभग 46 किलोमीटर का सफर कम हो गया है.
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