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सतलुज नदी का जलस्तर घटने से पर्यावरण प्रभावित होने की सताने लगी चिंता

News18 Himachal Pradesh
Updated: October 22, 2019, 6:27 AM IST
सतलुज नदी का जलस्तर घटने से पर्यावरण प्रभावित होने की सताने लगी चिंता
सतलुज का दिनों दिन घटता जलस्तर लोगों की चिंता का बना कारण

सतलुज नदी के उद्गम स्थल व ऊंचाई वाले स्थानों पर ठंड बढ़ने से जलस्तर कम हो गया है और पर्यावरण प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है.

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शिमला. सतलुज नदी (satluj river) के उद्गम स्थल व ऊंचाई वाले स्थानों पर ठंड बढ़ जाने के कारण नदी का जलस्तर कम हो गया है. एसजेवीएन की 1500 मेगावाट झाकड़ी परियोजना को चलाने के लिए नाथपा डैम में पर्याप्त जलस्तर बना रहे, इसलिए परियोजना प्रबंधन ने नाथपा डैम से सतलुज नदी में जल निकासी कम कर दी है.

युवा कांग्रेस की ओर से सौंपा गया ज्ञापन
युवा कांग्रेस रामपुर इकाई का कहना है कि नदी का जलस्तर कम हो जाने से पर्यावरण संतुलन (environmental balance) वोबिगड़ सकता है. उनका कहना है कि नाथपा डैम से नदी के कुल पानी का 15 प्रतिशत नदी में डैम से छोड़ा जाना आवश्यक है लेकिन परियोजना प्रबंधन निर्धारित मानदंडों से कम पानी नदी में छोड़ रहा है. इससे पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका् से इनकार नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा नदी के पानी पर आश्रित कई जीव जंतुओं के नष्ट होने की संभावना बढ़ जाती है.

प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव ने रामपुर बुशहर की ओर से तहसीलदार रामपुर के माध्यम से एसजेवीएन के सीएमडी को ज्ञापन सौंपा


युवा कांग्रेस की मांग है कि परियोजना प्रबंधन सतलुज में तय निर्धारित मात्रा में पानी छोड़े. अपनी मांग को लेकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार रामपुर के माध्यम से एसजेवीएन के सीएमडी व प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अवगत करवाया है.

(रिपोर्ट- आत्मा  सिंह)

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First published: October 22, 2019, 6:27 AM IST
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