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शिमला में बनेगा प्रदेश का पहला एल वन ट्रामा सेंटर

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 13, 2019, 7:02 AM IST
शिमला में बनेगा प्रदेश का पहला एल वन ट्रामा सेंटर
आईजीएमसी में बनने वाले ट्रामा सेंटर में सभी सुविधाएं आधुनिक होंगी.

ऑक्सीजन कंट्रोल यूनिट, इमरजेंसी केयर यूनिट, वेंटिलेटर, ब्लड बैंक, सिटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे, कॉलर डॉप्लर, माइक्रोबायोलॉजी लैब सहित सभी इमरजेंसी सुविधाएं मौजूद होंगी.

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शिमला. राजधानी शिमला (Shimla) में ट्रामा सेंटर (Trauma Center) खुलने का रास्ता साफ़ हो गया है. प्रदेशवासियों के लिए शिमला में जल्द ही एक नया एल वन ट्रामा सेंटर खुलने जा रहा है. ट्रामा सेंटर खुलने से जहां मरीजों का तुरंत उपचार हो सकेगा, वहीं गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को फायदा भी पहुंचेगा. ट्रामा सेंटर खुलने से प्रदेश में दुर्घटना (Accidents) होने और गिर जाने पर सिर में चोट लगने वाले गंभीर मरीजों को अब पीजीआई (PGI) के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा. आईजीएमसी (IGMC) पिछले कई सालों से एक ट्रामा सेंटर बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाने के चलते नए भवन का कार्य शुरू नहीं हो पाया. अब सभी विभागों से एनओसी मिलने के चलते IGMC में ट्रामा सेंटर के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.

मरीजों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी

करीब पांच करोड़ से बनने जा रहे नए भवन में 6 मंजिल तैयार की जाएगी जिसमें मरीजों को सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी. IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जनक राज ने बताया कि प्रदेश सरकार और हाई कोर्ट के निर्देश पर लेवल वन का ट्रामा सेंटर स्थापित किया जा रहा है. इसके लिए नए भवन का निर्माण किया जा रहा है. जब तक नया भवन तैयार नहीं होता है तब तक आईजीएमसी के नए ओपीडी ब्लॉक के धरातल व प्रथम मंजिल को ट्रामा सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी उपकरण खरीद लिए गए हैं. जल्द ही नए ओपीडी भवन में सेंटर स्थापित किया जाएगा.

IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जनक राज ने बताया कि प्रदेश सरकार और हाई कोर्ट के निर्देश पर लेवल वन का ट्रामा सेंटर स्थापित किया जा रहा है.


गौरतलब है की प्रदेश में कई फोरलेन बन रहे हैं. इसमें दुर्घटनाएं भी हो रही हैं मगर इन हादसों में घायलों को फौरी राहत देने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. बता दें कि फोरलेन बनाने से पहले ही केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं भूतल मंत्रालय की गाइड लाइन में फोरलेन में पड़ने वाले अस्पतालों में ट्रामा सेंटर की सुविधा होना जरूरी है. प्रदेश में एक भी ट्रामा सेंटर नहीं है जहां मरीजों को राहत मिल सके. आईजीएमसी में बनने वाले ट्रामा सेंटर में सभी सुविधाएं आधुनिक होंगी.

इसमें अलग स्टॉफ तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा यहां पर अलग-अलग मेजर माइनर ओटी चलेगी. ऑक्सीजन कंट्रोल यूनिट, इमरजेंसी केयर यूनिट, वेंटिलेटर, ब्लड बैंक, सिटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे, कॉलर डॉप्लर, माइक्रोबायोलॉजी लैब सहित सभी इमरजेंसी सुविधाएं मौजूद होंगी. इसके अलावा यहां पर कई बेड भी लगाए जाएंगे, जहां पर मरीजों को दाखिल किया जाएगा.

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First published: October 13, 2019, 6:56 AM IST
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