हिमाचल को जल जीवन मिशन के तहत 1262.79 करोड़ रुपये मंजूर

हिमाचल को जल जीवन में मिशन में मिला बजट. (सांकेतिक तस्वीर)

Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष में 880 योजनाओं को पूरा किया जाना है और 2.26 लाख घरों में नल लगाये जाने प्रस्तावित हैं. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के लिए स्वीकृत 1262.79 करोड़ रूपये की वार्षिक योजना में चार गुणा वृद्धि हुई है.

  • Share this:
    शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर (Minister Mahender Singh Thakur) ने यहां विभाग के मुख्य अभियन्ताओं तथा अधीक्षण अभियन्ताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर मुख्यमंत्री तथा जल शक्ति मंत्री की गई घोषणाओं एवं शिलान्यासों के अतिरिक्त जल जीवन मिशन तथा नाबार्ड वित्त पोषित योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए तथा सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पर बल दिया.

    मोदी सरकार का आभार जताया
    महेन्द्र सिह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का प्रदेश को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों से सम्भव हो पाया है. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रही हर घर नल से जल योजना में प्रदेश ने गत दो वर्षों के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य को केन्द्र सरकार ने 1262.79 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जिसमें से 315.70 करोड़ की पहली किश्त मिल चुकी है. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष में 880 योजनाओं को पूरा किया जाना है और 2.26 लाख घरों में नल लगाये जाने प्रस्तावित हैं. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के लिए स्वीकृत 1262.79 करोड़ रूपये की वार्षिक योजना में चार गुणा वृद्धि हुई है.

    हर घर में नल लगाना लक्ष्य
    जल शक्ति मंत्री ने नवगठित पंचायतों में भी नल लगाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि इस वर्ष के अन्त तक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन को पर्यटन के साथ जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए और राज्य के प्रवेशद्वारों के अतिरिक्त मनाली, शिमला, डलहौजी, धर्मशाला तथा कसौली आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों में चिन्हित जगहों पर इस मिशन को दर्शाने वाली जानकारी पर आधारित बैकग्राउंड के साथ नल लगाए जाने चाहिएं, जहां पर बाहर से आने वाले पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके. बैठक का संचालन जल शक्ति विभाग के सचिव विकास लाबरू ने किया. इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियन्ता नवीन पुरी, शिमला क्षेत्र के मुख्य अभियन्ता सुशील जस्टा बैठक में उपस्थित रहे, जबकि अन्य क्षेत्रों के मुख्य अभियन्ता तथा अधीक्षण अभियन्ता अपने-अपने स्थानों से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए.