प्रदेश को मिले कैम्पा के तहत 1660 करोड़

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 31, 2019, 6:16 PM IST
प्रदेश को मिले कैम्पा के तहत 1660 करोड़
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की वन संपदा, पर्यावरण और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये राशि कैम्पा के पास लगभग 10 वर्षों से लंबित थी और इस राशि को जल्द से जल्द जारी करने के मामले को कई बार केन्द्र सरकार के समक्ष रखा गया था.

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वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (Govind Singh Thakur) ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) को क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण अधिनियम (Compensation Afforestation Fund Management and Planning Authority Act / CAMPA) के अंतर्गत मिले 1660.72 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये राशि कैम्पा के पास लगभग 10 वर्षों से लंबित थी और इस राशि को जल्द से जल्द जारी करने के मामले को कई बार केन्द्र सरकार के समक्ष रखा गया था. यह उसी प्रयास का परिणाम है कि आज यह राशि प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे वृक्षा रोपण, जल संरक्षण, वनों के आधारभूत विकास, वन्यजीव गतिविधियां, स्कूली बच्चों द्वारा वृक्षारोपण, लैंटाना उन्मूलन, बंदर नसबंदी जैसे कार्यक्रमों में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये राशि प्रदेश के लोगों को आजीविका प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी.

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की वन संपदा, पर्यावरण और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प है. उन्होंने कहा कि इसके लिए कई कारगर कदम उठाए जा रहे हैं. गोविंद सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री का क्षतिपूर्ति वनीकरण राशि (Compensation afforestation amount) नियम-2018 को संसद में पास करने के लिए आभार व्यक्त किया.

राशि के उपयोग के लिए समितियों का गठन

उन्होंने कहा कि इस राशि के उचित उपयोग के लिए तीन समितियों का गठन किया गया है. इसमें कार्यकारी समिति के प्रमुख, प्रधान वन अरण्यपाल होंगे, जो प्रारंभिक स्तर पर एपीओ का आंकलन करेगी. संचालन समिति जो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई है, एपीओ को मूल्यांकन के लिए भारत सरकार के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करेगी. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रबंध निकाय की स्थापना की गई है, जो इस निधि को विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों पर खर्च करने हेतु नीतिगत निर्णय लेगी.

ब्याज के रूप में प्रतिवर्ष मिलेंग 100 करोड़

मंत्री ने कहा कि अधिनियम के नए प्रावधानों के अंतर्गत यह राशि समेकित खाते के बजाय सार्वजनिक खाते में जमा की जाएगी और राज्य सरकार को लगभग 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष ब्याज के रूप में मिलता रहेगा. उन्होंने कहा कि यह निधि वित्तीय वर्ष के अंत में ‘लैप्स’ नहीं होगी.

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First published: August 31, 2019, 6:16 PM IST
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