क्यों नहीं हो रहा सस्ता इलाज, हाईकोर्ट ने 4 सितंबर तक सरकार से मांगा जवाब

मरीजों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बने क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू नहीं किए जाने पर हिमाचल हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से 4 सितंबर तक सरकार से जवाब मांगा है.

G.S. Tomar | News18 Rajasthan
Updated: August 7, 2019, 7:43 AM IST
क्यों नहीं हो रहा सस्ता इलाज, हाईकोर्ट ने 4 सितंबर तक सरकार से मांगा जवाब
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा
G.S. Tomar
G.S. Tomar | News18 Rajasthan
Updated: August 7, 2019, 7:43 AM IST
केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश में अच्छी एवं सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 2010 में क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू किया था. 9 साल बाद भी देश के कई राज्यों में इस एक्ट को लागू नहीं किया गया है. जिससे लोगों के स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है. बेटरनेस फॉर्म फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ नाम की स्वयंसेवी संस्था ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में वर्ष 2016 के अक्टूबर में याचिका दायर हिमाचल में भी इस एक्ट को लागू करवाने की गुहार लगाई थी.

कर्नल विधि चंद लगवाल, स्वयंसेवी संस्था  बेटरनेस फॉर्म फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ केअध्यक्ष


हाईकोर्ट के जस्टिस धर्मचंद चौधरी और ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ में इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने प्रदेश और केंद्र सरकार को 4 सितंबर तक शपथ पत्र दायर करने के आदेश जारी किए. कोर्ट ने पूछा कि आखिर आज तक इस एक्ट को प्रदेश में लागू क्यों नहीं किया गया ? बेटरनेस फॉर्म फॉर ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक लाइफ के अध्यक्ष कर्नल विधि चंद लगवाल ने प्रेस वार्ता आयोजित कर हाईकोर्ट के निर्देश की जानकारी दी. कर्नल विधि चंद लगवाल ने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद हर असप्ताल को अपनी सेवाओं की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी. अस्पताल को एक्ट में किए प्रावधानों के आधार पर चलाना पड़ेगा जिससे लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी.

एक्ट लागू होने पर ये करना होगा आवश्यक  

क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू क्यों नहीं किया गया
एक्ट के लागू होने के बाद मरीजों को मिलेगी सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं
अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं का करना पड़ेगा डिस्प्ले
Loading...

एक्ट में किए प्रावधानों के मुताबिक चलाना पड़ेगा अस्पताल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 7, 2019, 7:43 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...