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PG Admission: HPU ने रिजल्ट से पहले लगा दी मेरिट लिस्ट, छात्रों का एक साल बर्बाद

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी.
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी.

HPU Admission: वाइस चांसलर प्रो.सिकंदर कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई. गुरुवार को विवि में इंटरव्यू के चलते वीसी नहीं मिल पाए. शाम के समय फोन पर संपर्क की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई. इस मामले पर अभी प्रशासन का पक्ष आना बाकी है.

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शिमला. कोरोना (Corona Crisis) संकट के बीच शिक्षा का क्षेत्र भारी परेशानियों के दौर गुजर रहा है. एक ओर जहां छात्रों के भविष्य पर कई सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की खराब कार्यप्रणाली छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहा है. विवि प्रशासन पर आरोप है कि यूजी का आधा-अधूरा परीक्षा परिणाम (Results) घोषित कर पीजी में दाखिले करवा दिए गए, इसके चलते हजारों छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया है. एबीवीवी (ABVP) ने ये आरोप लगाया है.

सुबह लगा दी मेरिट लिस्ट,शाम दिया रिजल्ट

पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिलों को लेकर एक ताजा मामला सामने आया है. चंबा के दुर्गम इलाके पांगी के रहने वाले अनिल ने एमटीएम में एडमिश्न के लिए फॉर्म भरा था. अनिल ने बताया कि विभाग की ओर से कहा गया था कि 2 नवंबर तक यूजी के परिणाम समेत अन्य दस्तावेज ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करवा दिए जाएं, लेकिन उसका परिणाम घोषित नहीं हुआ था तो वो कैसे दस्तावेज जमा करवाता. इस बीच 3 नवंबर को विभाग ने मेरिट लिस्ट लगा दी. अनिल का रिजल्ट मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद शाम को जारी किया गया. अच्छे नंबर होने के बावजूद प्रशासन की लापरवाही से अनिल बाहर हो गया. अनिल ने बताया कि इस बाबत विभाग से लेकर डीन ऑफ स्टडीज और वाइस चांसलर के पास भी अपनी बात कही लेकिन 3 हफ्ते बीत गए कोई सुनवाई नहीं हुई.



क्या बोला छात्र
अनिल का कहना है कि समय पर परिणाम घोषित होता तो उसकी एडमिश्न हो जाती. उसने किसी और विश्वविद्यालय में एडमिश्न के लिए आवेदन भी नहीं किया है, ऐसे में उसका एक साल पूरी तरह से बर्बाद हो गया है.

ये बोली विद्यार्थी परिषद

एबीवीपी के प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि अनिल की तरह हजारों छात्रों के साथ यही हुआ है. हर रोज छात्र इस तरह की परेशानी लेकर कैंपस आते हैं, यहां उनकी कोई नहीं सुनता और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एंट्रेस टेस्ट करवाने की मांग को दरकिनार करते हुए जल्दबाजी में पीजी में दाखिला करवाया और वो भी ऐसी स्थिती में जब यूजी के पूरे परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे. विशाल वर्मा ने कहा कि बीबीए,बीसीए के पूरे परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, और साथ ही इनके अलावा अन्य विषयों की रि-अपीयर की परीक्षाएं भी नहीं करवाई गईं. बी.वॉक के परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं. ऐसे में पीजी में दाखिला करवाना छात्रों के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि इतिहास विभाग में करीब 900 छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था, 2 नवंबर को लगभग 250 छात्र ही अपने रिजल्ट की कॉपी अपलोड करवा पाए और विभाग ने इन्हीं छात्रों में से मेरिट लिस्ट तैयार कर दी और एडमिश्न करवा दी. एबीवीपी ने साफ किया कि प्रशासन की कार्यप्रणाली सही नहीं है और इसके खिलाफ जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा.



वीसी से नहीं हो पाया संपर्क

इस बाबत वाइस चांसलर प्रो.सिकंदर कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई. गुरुवार को विवि में इंटरव्यू के चलते वीसी नहीं मिल पाए. शाम के समय फोन पर संपर्क की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई. इस मामले पर अभी प्रशासन का पक्ष आना बाकी है.
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