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उपलब्धि: HPU के प्रो. महावीर विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए, कैंसर पर भी कर रहे शोध

प्रो.महावीर सिंह.
प्रो.महावीर सिंह.

इस सफलता का श्रेय प्रो.महावीर सिंह ने अपने साथ करने वाले साथियों को दिया. नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर साथ काम कर रहे फैलो और अपने 25 पीएचडी स्टूडेंट्स को दिया है.

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शिमला. भारत और हिमाचल (Himachal Pradesh) के लिए गौरव का क्षण है. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के प्रोफेसर महावीर सिंह विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हो गए हैं. अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी की गई विश्व के वैज्ञानिकों की सूची में प्रो. महावीर सिंह शीर्ष 2 फीसदी साइंटिस्ट (Scientist) में शामिल हैं. प्रो. महावीर को मेडिसिन (Medicine) के क्षेत्र की इम्यूनोलॉजी श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है.

इस श्रेणी में प्रो.महावीर सिंह के अलावा देश के 3 अन्य वैज्ञानिक भी शामिल हैं. ये रैंकिग साइंटिस्ट के अब तक के रिसर्च वर्क, उसकी गुणवत्ता और कार्य क्षेत्र के आधार पर दिया जाता है. इस वर्ग में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को ही रैकिंग में शामिल किया जाता है, उसके बाद मेरिट जारी होती हैं. इस रैंकिग में प्रो. महावीर टॉप टू परसेंट में जगह दी गई है.

बीमारियों की मुख्य वजह बताई
प्रो.महावीर सिंह दुनिया के चंद नैनो साइंटिस्टों में शामिल हैं. इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में बीते 10 सालों से रिसर्च कर रहे हैं. देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ काम कर रहे हैं. प्रो. महावीर सिंह ने News-18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि इम्यूनोलॉजी में मैग्नेटिक नैनो टैक्नोलॉजी से कार्य कर रहे हैं. नैनो टैक्नोलॉजी में बहुच चुनौतियां है, ये तकनीक जहरीली बन जाती है. कमर्शियल इश्यू रहते हैं. प्रदूषण बढ़ता है जबकि मैग्नेटिक नैनो टैक्नोलॉजी इको फ्रेंडली है और बायोडिग्रेडेबल है. इसके जरिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न तरह के बीमारियों के इलाज ढूंढे जा रहे हैं.
इम्यून सिस्टम ठीक न होना यानि रोगों से लड़ने का क्षमता कम होना बीमारी की मुख्य वजह है. कोविड से लड़ने का एकमात्र हथियार यही है कि इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जाए. उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से शरीर के बायोलॉजिकल सेल्स और एन्जाइम्स को मजबूत करने के लिए कार्य किया जा रहा है.



कैंसर का इलाज संभव
प्रो. महावीर नैनो टैक्नोलॉजी के माध्यम से कैंसर का इलाज ढूंढ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कैंसर विभिन्न प्रकार के होते हैं, नैनो मैग्नेटिक टैक्नोलॉजी से कुछ प्रकार के कैंसर ठीक हो सकते हैं. उसमें कीमो थेरपी की जरूरत नहीं पड़ेगी, इस दिशा जल्द ही सफलता हासिल होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि विश्व में चुनिंदा जगह पर इससे इलाज हो रहा है, हर आम अस्पतालों में ये सुविधा मिले,इस पर कार्य किया जा रहा है. साथ ही कहा कि कीमो थैरेपी में 70 से 80 फीसदी साइड इफैक्ट होते हैं जबकि मैग्नेटिक हाइपरथर्मिया में किसी तरह का साइड इफैक्ट नहीं होता है.

सफलता पर ये बोले
इस सफलता का श्रेय प्रो.महावीर सिंह ने अपने साथ करने वाले साथियों को दिया. नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर साथ काम कर रहे फैलो और अपने 25 पीएचडी स्टूडेंट्स को दिया, जिन्होंने इस पर उनके साथ काम किया. उन्होंने कहा कि ये व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है. ये सभी की मेहनत का नतीजा है. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से एचपीयू का नाम ऊंचा हुआ है और सभी आगे अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं.
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